पहाड़ में छिपा शिकारी? रायगढ़ के जंगल में दिखे बाघ के निशान, गांवों में फैला खौफ!

रायगढ़
रायगढ़ जिले के छाल रेंज में बाघ की मौजूदगी के संकेत मिलने के बाद वन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। बीते तीन दिनों से लगातार ट्रैकिंग के बावजूद अब तक बाघ की स्पष्ट मौजूदगी की पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन पदचिन्हों ने विभाग की नींद उड़ा दी है।
👣 कहां-कहां मिले बाघ के पदचिन्ह?
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छाल रेंज के हाटी से पुरूंगा और सामरसिंघा के जंगलों में कई जगहों पर बाघ जैसे बड़े पदचिन्ह देखे गए।
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तेंदुए के मुकाबले बड़े पैरों के निशान होने के कारण वन विभाग ने इसे हल्के में नहीं लिया।
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ट्रैकिंग के बाद अंदेशा है कि बाघ पहाड़ के रास्ते जंगल से बाहर निकल गया हो सकता है।
⛰️ क्या बाघ पहाड़ की ओर निकल गया है?
29 जुलाई से अब तक हर दिन सुबह से शाम तक वन अमला कई किलोमीटर जंगल और पहाड़ों की खाक छान रहा है।
हालांकि पहले दिन के बाद कोई नया पदचिन्ह नहीं मिला, जिससे आशंका है कि बाघ जंगल से लगे पहाड़ी इलाके में चला गया होगा, जहां उसके निशान मिलना मुश्किल है।
😨 गांवों में दहशत का माहौल
बाघ की मौजूदगी की आशंका के बाद सामरसिंघा, गेरवानी, किदा, खर्रा, गंजईपाली, गलीमार जैसे पहाड़ के नीचे बसे गांवों में डर और दहशत का माहौल है।
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वन विभाग द्वारा मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है।
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लोगों को किसी भी गतिविधि या निशान की जानकारी मिलने पर तुरंत सूचना देने को कहा गया है।
🚨 वन विभाग की सतर्कता बढ़ी
बाघ के साथ-साथ इलाके में हाथियों की भी आमद रहती है, जिससे जंगल विभाग लगातार निगरानी में जुटा है।
अब पूरे छाल रेंज को “हाई वॉच ज़ोन” में रखा गया है।
