छत्तीसगढ़

HIV संक्रमितों में बढ़ा आक्रोश! गोपनीयता भंग होने के आरोप, जीवनरक्षक दवा छोड़ने की चेतावनी

रायपुर में गोपनीय बैठक की तैयारी, कई राज्यों से आएंगे प्रतिनिधि। एचआईवी समुदाय ने प्रशासन पर गोपनीयता भंग और योजनाओं से वंचित करने के लगाए आरोप।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एचआईवी (HIV) संक्रमितों की गोपनीयता और अधिकारों को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। एचआईवी से प्रभावित लोगों के संगठन सीजीएनपी प्लस ने राज्य प्रशासन और छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का दावा है कि प्रशासनिक स्तर पर लगातार हो रही परेशानियों के विरोध में संक्रमित समुदाय के लोग रायपुर में एक गोपनीय बैठक करने जा रहे हैं, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

जीवनरक्षक दवा छोड़ने की चेतावनी

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो कई संक्रमित जीवनरक्षक एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) दवा लेना बंद करने पर विचार कर सकते हैं। उनका कहना है कि यदि ऐसा होता है और इससे किसी की तबीयत बिगड़ती है या मृत्यु होती है, तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ART दवा को बिना चिकित्सकीय सलाह के बंद करना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। HIV से संक्रमित लोगों को किसी भी परिस्थिति में दवा से जुड़ा निर्णय अपने डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए।

गोपनीयता भंग करने के आरोप

सीजीएनपी प्लस का आरोप है कि एचआईवी रोकथाम से जुड़ी कुछ गैर-सरकारी संस्थाएं (NGO) बिना किसी आधिकारिक आदेश के संक्रमित लोगों के घर पहुंच रही हैं, जिससे उनकी गोपनीयता प्रभावित हो रही है। संगठन का कहना है कि इससे कई लोगों को सामाजिक भेदभाव और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।

सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने का दावा

संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि HIV संक्रमितों को कई सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, उनका कहना है कि उच्च अधिकारियों से मिलने के लिए घंटों इंतजार करने के बावजूद उनकी समस्याएं नहीं सुनी जा रही हैं।

HIV संक्रमित बच्चों के पोषण का भी उठाया मुद्दा

सीजीएनपी प्लस के अनुसार, वर्ष 2017 से संगठन आम लोगों के सहयोग से HIV पॉजिटिव बच्चों को हर महीने पोषक आहार उपलब्ध करा रहा है। संस्था का दावा है कि सरकार से कई बार इन बच्चों के लिए पोषण सहायता की मांग की गई, लेकिन अब तक अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

बैठक में कई राज्यों के प्रतिनिधियों के शामिल होने का दावा

संगठन का कहना है कि रायपुर में प्रस्तावित बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों से HIV समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। बैठक में आगे की रणनीति और मांगों पर चर्चा की जाएगी।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल, इन आरोपों पर छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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