रायगढ़ में डबल मर्डर का 24 घंटे में खुलासा, एनटीपीसी मुआवजा विवाद बना वजह
पुलिस ने रविशंकर और रामप्रसाद सिदार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा, तकनीकी जांच और तत्परता से सुलझा सनसनीखेज केस

रायगढ़। रायकेरा गांव में हुए दोहरे हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने महज 24 घंटे में कर बड़ी सफलता हासिल की है। घरघोड़ा थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में शामिल दो आरोपियों—रविशंकर सिदार (26) और रामप्रसाद सिदार (83)—को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
जांच में सामने आया कि यह हत्या एनटीपीसी मुआवजा राशि के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चले विवाद के कारण की गई थी। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल और एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कुमार गौरव की टीम ने इस मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया।
घटना का खुलासा
3 अक्टूबर को रायकेरा के कोटवार सकिर्तन राठिया ने सूचना दी कि घुराउ राम सिदार (55) और उनकी सास सुखमेत सिदार (70) का शव उनके घर की परछी में पड़ा है। दोनों की गला दबाकर हत्या की गई थी। सूचना पर घरघोड़ा पुलिस, एफएसएल टीम और धरमजयगढ़ एसडीओपी तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या का कारण गला दबाना और मारपीट बताया गया।
संदेह से खुलासा तक
पुलिस ने परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ की। विरोधाभासी बयानों के बाद संदेह मृतक के बेटे रविशंकर सिदार और रिश्तेदार रामप्रसाद सिदार पर गया। हिरासत में लेकर पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या कबूल कर ली। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी मुआवजा राशि के बंटवारे को लेकर महीनों से झगड़ा चल रहा था। मृतक राशि अपने नाम रखना चाहता था, जबकि अन्य परिवारजन हिस्सेदारी की मांग कर रहे थे।
हत्या की वारदात
2 अक्टूबर की शाम, रविशंकर और रामप्रसाद ने घर में घुराउ राम पर हमला किया। पहले जमकर पीटा और फिर रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। वृद्धा सुखमेत ने शोर मचाया तो आरोपियों ने उनकी भी गला दबाकर हत्या कर दी। शवों को घर की परछी में छोड़कर आरोपियों ने फरार हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना के आधार पर आरोपियों का पता लगाया और उसी रात हिरासत में ले लिया। हत्या में प्रयुक्त रस्सी बरामद की गई। थाना प्रभारी कुमार गौरव के नेतृत्व में एएसआई खेमराज पटेल, एएसआई रामसजीवन वर्मा, प्रधान आरक्षक पारसमणि बेहरा, आरक्षक हरीश पटेल, चंद्रशेखर चंद्राकर, प्रदीप तिग्गा और स्थानीय सहयोगी कालिया गुप्ता की टीम ने इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एसपी दिव्यांग कुमार पटेल ने कहा कि इतनी तेजी से केस सुलझाना पुलिस की तत्परता और प्रोफेशनलिज़्म को दर्शाता है।

