Raksha Bandhan 2026: सरहद नहीं, सुकमा के जंगलों तक पहुंचेगा बहनों का प्यार… जवानों के लिए भेजी गईं राखियां

Sukma News: परिवार से दूर ड्यूटी कर रहे पुलिस जवानों के लिए जिला प्रशासन की खास पहल, ‘रक्षा सूत्र’ अभियान के तहत दुर्गम इलाकों तक पहुंचेंगी राखियां
सुकमा, 22 अगस्त 2026: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर परिवार से दूर रहकर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे जवानों तक बहनों का स्नेह पहुंचाने के लिए सुकमा जिला प्रशासन ने संवेदनशील पहल की है। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से चलाए गए ‘रक्षा सूत्र’ अभियान के तहत शुक्रवार को पुलिस जवानों के लिए राखियां भेंट की गईं। इन राखियों को जिले के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों तक पहुंचाया जाएगा।
दूर जंगलों में तैनात जवानों तक पहुंचेगी राखी
सुकमा जैसे संवेदनशील और दूरस्थ क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस जवान कठिन परिस्थितियों के बीच अपनी ड्यूटी निभाते हैं। इनमें कई जवान लंबे समय से अपने परिवार से दूर हैं।
ऐसे में रक्षाबंधन के मौके पर उनके हाथों तक राखी पहुंचाना उन्हें बहनों के स्नेह, शुभकामनाओं और आशीर्वाद का एहसास कराएगा। जिला प्रशासन की यह पहल जवानों के त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति सम्मान की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है।
सिर्फ राखी नहीं, अपनत्व का संदेश
‘रक्षा सूत्र’ अभियान के जरिए जिला प्रशासन ने जवानों के प्रति सामाजिक जुड़ाव और अपनत्व का संदेश दिया है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा में तैनात जवान कठिन परिस्थितियों में भी समाज की रक्षा के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।
ऐसे में रक्षाबंधन जैसे भावनात्मक पर्व पर उनके प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त करना समाज की जिम्मेदारी भी है।
परिवार से दूर जवानों को मिलेगा त्योहार का एहसास
दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों के लिए रक्षाबंधन की यह राखी महज एक धागा नहीं होगी। यह उनके लिए घर-परिवार और समाज की याद के साथ अपनत्व का एहसास भी लेकर पहुंचेगी।
अभियान का उद्देश्य यह संदेश देना है कि जवान भले ही अपने परिवार से दूर हों, लेकिन समाज उनके साथ खड़ा है और उनके त्याग को सम्मान की नजर से देखता है।
जवानों का मनोबल बढ़ाने वाली पहल
जिला प्रशासन की इस पहल से सुरक्षा बलों और आम समाज के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूती मिलने की उम्मीद है। ‘रक्षा सूत्र’ अभियान के माध्यम से भेजी जा रही राखियां जवानों के प्रति विश्वास, सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक बनेंगी।
रक्षाबंधन पर सुदूर इलाकों में तैनात जवान जब इन राखियों को अपनी कलाई पर बांधेंगे, तो उन्हें अपने घर से दूर रहकर भी बहनों के स्नेह और पूरे समाज के साथ होने का एहसास जरूर होगा।



