छत्तीसगढ़

बस्तर पंडुम के समापन में दिखी सत्ता की पूरी ताकत! अमित शाह और CM साय की मौजूदगी के पीछे क्या है ‘बड़ा प्लान’?

जगदलपुर में चाक-चौबंद सुरक्षा, रायपुर की बंद कमरों वाली बैठक से बस्तर तक फैला संदेश

रायपुर।
बस्तर पंडुम 2026 का समापन समारोह इस बार सिर्फ सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि सियासी और सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम बन गया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की सुर्खियों में ला दिया।

अमित शाह शनिवार शाम रायपुर पहुंचे, जहां उन्होंने रात्रि विश्राम किया। रविवार को उन्होंने उच्चस्तरीय बैठक ली, जिसमें प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और बस्तर को लेकर अहम मुद्दों पर मंथन हुआ। इसके बाद रविवार रात भी रायपुर में ठहरने के बाद सोमवार सुबह शाह जगदलपुर रवाना हुए।

रायपुर की बैठक, बस्तर पर सीधा फोकस

सूत्रों के मुताबिक रायपुर में हुई इस अहम बैठक में लाल आतंक के खिलाफ अंतिम रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु बस्तर डिवीजन रहा, जहां सुरक्षा और प्रशासनिक पकड़ को और मजबूत करने की रूपरेखा तैयार की गई। अमित शाह का यह दौरा बस्तर को सुरक्षा और विकास के नए रास्ते पर ले जाने वाला माना जा रहा है।

जगदलपुर में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम

अमित शाह के दौरे को देखते हुए जगदलपुर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से सख्त किया गया है। शहर के प्रमुख मार्गों, कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सीसीटीवी निगरानी, लगातार पेट्रोलिंग और ट्रैफिक रूट डायवर्जन के जरिए पूरे इलाके को कवर किया गया है।

खास बात यह है कि हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर पंडुम उद्घाटन के दौरान लागू सुरक्षा मानकों को लगभग उसी रूप में दोहराया गया है, ताकि किसी तरह की चूक न हो और व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव भी न पड़े।

सिर्फ समापन नहीं, बड़ा संदेश

बस्तर पंडुम 2026 के समापन मंच से अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी को सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा रहा। जानकारों का कहना है कि यह दौरा बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त प्रतिबद्धता का स्पष्ट संदेश है।

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