छत्तीसगढ़

रात के अंधेरे में गांव में घुसा हाथियों का झुंड! खेतों में मचाई तबाही, किसानों की फसल रौंदी, घर भी तोड़ा

रायगढ़ में हाथियों का बढ़ता आतंक, 6 किसानों की धान की फसल बर्बाद, एक कच्चा मकान क्षतिग्रस्त; इलाके में दहशत का माहौल।

रायगढ़। जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती रात जंगल से निकला हाथियों का दल आबादी वाले इलाकों में पहुंच गया और खेतों में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने 6 किसानों की धान की फसल रौंद दी, जबकि एक कच्चे मकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई।

कई गांवों में मचाई तबाही

जानकारी के अनुसार, धरमजयगढ़ रेंज के आमगांव बीट से निकले दो हाथी प्रेमनगर और मेढ़रमार बस्ती तक पहुंच गए। यहां उन्होंने संजीत मंडल और प्राकृष्ण बैन के खेतों में घुसकर धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया।

वहीं कापू रेंज के अलोला गांव में हाथियों ने आदिराम, सुखनंदन और बोधराम की फसल रौंद दी। इसके अलावा कुमरता गांव में रामसाय सिदार की धान की फसल भी बर्बाद हो गई।

कच्चा मकान भी तोड़ा

हाथियों का उत्पात यहीं नहीं रुका। बाकारूमा रेंज के ससकोबा गांव में एक हाथी ने नरेंद्र के कच्चे मकान को भी नुकसान पहुंचाया। गनीमत रही कि घटना के समय किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग अलर्ट

गांव में हाथियों के पहुंचने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश की। हालांकि हाथी देर रात तक गांव के आसपास ही डटे रहे और बाद में जंगल की ओर लौट गए।

सुबह वन विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन शुरू किया।

रायगढ़ में 145 हाथियों की मौजूदगी

वन विभाग के मुताबिक, इन दिनों रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडल में कुल 145 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। इनमें धरमजयगढ़ वन मंडल में 99 और रायगढ़ वन मंडल में 46 हाथी शामिल हैं।

इनमें 46 नर, 71 मादा और 28 शावक हैं। सबसे अधिक हाथी धरमजयगढ़ के गेरसा, बाकारूमा रेंज के ससकोबा, बोरो रेंज के खम्हार उत्तर और रायगढ़ वन मंडल के बंगुरसिया पश्चिम क्षेत्र में मौजूद हैं।

लगातार बढ़ रहे हाथियों के मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और रात के समय जंगल से सटे इलाकों में अकेले न जाने की अपील की है।

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