छत्तीसगढ़ में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू और कोरोना के केस, आंकड़े सामने आते ही मची हलचल; स्वास्थ्य मंत्री बोले- ‘पैनिक की जरूरत नहीं’
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के अब तक 152 मामले सामने आए हैं, इनमें 114 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और 38 एक्टिव केस हैं। कोरोना के भी 2 मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू और कोरोना के मामलों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के अब तक 152 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि कोरोना के भी दो मरीज मिले हैं। बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लोगों को घबराने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जांच और इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्था की है।
स्वाइन फ्लू के 152 मामले, 38 मरीज एक्टिव
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक स्वाइन फ्लू के 152 मरीज सामने आए हैं। इनमें से 114 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 38 मरीज फिलहाल एक्टिव हैं।
इसके अलावा प्रदेश में कोरोना संक्रमण के भी दो मामले सामने आए हैं। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
‘पैनिक होने की जरूरत नहीं’
स्वाइन फ्लू और कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों की चिंता के बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल और मेकाहारा में जांच की पूरी व्यवस्था की गई है।
मंत्री के मुताबिक, कोरोना से निपटने के लिए पहले लगाई गई वैक्सीन की डोज के कारण लोगों में इम्यूनिटी बनी हुई है। हालांकि, उन्होंने लोगों को लक्षण नजर आने पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
लक्षण दिखें तो बिल्कुल न करें लापरवाही
स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू या कोरोना जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें। ऐसे लक्षण महसूस होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।
आंकड़े बढ़े, लेकिन फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की नजर
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 38 एक्टिव केस और कोरोना के दो मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। सरकार का जोर समय पर जांच, इलाज और लोगों को जागरूक करने पर है।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की अपील साफ है—घबराएं नहीं, लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज भी न करें। समय पर जांच और उपचार ही संक्रमण की स्थिति को गंभीर होने से रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है।

