‘भाई-भाभी को दिलाई सरकारी नौकरी?’ JPSC घोटाले पर बाबूलाल मरांडी का बड़ा आरोप, हेमंत सरकार पर साधा निशाना
JPSC परीक्षा में कथित धांधली को लेकर सियासत तेज, बाबूलाल मरांडी ने एजेंसी और सरकार की मिलीभगत का लगाया आरोप; CID की जांच जारी, अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित धांधली और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। गुरुवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एजेंसी से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर अपने भाई-भाभी, रिश्तेदारों और करीबियों को नियमों की अनदेखी कर सरकारी नौकरियां दिलाईं।
मरांडी ने लगाए गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता में बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी के कुछ संचालक पहले से ही राज्य सरकार के विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्यरत थे और उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया।
उन्होंने कहा कि JPSC भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और कथित रूप से पैसों का लेन-देन हुआ, जिसकी निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
मरांडी ने मांग की कि इस मामले में यदि जांच में कोई भी अधिकारी, एजेंसी संचालक या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
सरकार और एजेंसी की मिलीभगत का आरोप
भाजपा नेता ने पूरे मामले को राज्य सरकार और परीक्षा एजेंसी के बीच कथित मिलीभगत का उदाहरण बताते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
CID की जांच तेज, 10 आरोपी गिरफ्तार
छात्रों के विरोध प्रदर्शन और बढ़ते दबाव के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को सौंप दी है।
जांच एजेंसी ने JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से पिछले दो दिनों से लगातार पूछताछ की है। वहीं, इस मामले में अब तक 10 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है, जबकि कई अन्य स्थानों पर छापेमारी और जांच जारी है।
छात्र आंदोलन को भाजपा का समर्थन
बुधवार को रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन किया। देर शाम भाजपा नेताओं ने आंदोलन स्थल पहुंचकर छात्रों की मांगों और निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन किया।
जांच के बाद होगी आरोपों की पुष्टि
फिलहाल बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक बयान हैं। इन आरोपों की पुष्टि जांच एजेंसियों या न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्षों के बाद ही होगी। मामले की जांच जारी है और आगे आने वाली रिपोर्ट पर सभी की नजर बनी हुई है।




