छत्तीसगढ़

सूरजपुर: स्कूल में पढ़ाई या मजदूरी? बच्चों से पुताई का VIDEO वायरल, मचा बवाल!

RTE छात्रों से दीवारों पर पेंट करवाने के आरोप, जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित

सूरजपुर। जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल तिलसिवा में पढ़ने वाले छात्रों से कथित तौर पर पुताई और निर्माण कार्य कराए जाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि जिन बच्चों से काम कराने का आरोप है, वे आरटीई (Right to Education) के तहत पढ़ाई कर रहे बताए जा रहे हैं।

घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और देखते ही देखते परिजनों में भारी नाराजगी फैल गई। वायरल वीडियो में स्कूली ड्रेस पहने बच्चे दीवारों पर पेंट करते और श्रम कार्य करते दिखाई दे रहे हैं। इस दृश्य ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।


📢 कलेक्टर कार्यालय पहुंची शिकायत, प्राचार्य पर कार्रवाई की मांग

मामला सामने आने के बाद अभिभावकों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी। परिजनों का आरोप है कि बच्चों से जबरन पुताई, सफाई और निर्माण कार्य कराया गया, जो न केवल बाल अधिकारों का उल्लंघन है बल्कि आरटीई कानून की भावना के भी खिलाफ है।

अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल शिक्षा देने की जगह बच्चों से मजदूरी करवा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।


🔎 शिक्षा विभाग हरकत में, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और प्राप्त शिकायत के आधार पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


❓ निजी स्कूलों में RTE छात्रों के साथ भेदभाव?

इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या निजी स्कूलों में आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है? क्या निगरानी व्यवस्था इतनी कमजोर हो चुकी है कि बच्चों से इस तरह का कार्य कराया जा सके?

अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। अगर आरोप साबित होते हैं, तो यह सिर्फ एक स्कूल का मामला नहीं रहेगा, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा दाग बन सकता है।

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