चुनाव से पहले सियासी जंग तेज… डिप्टी सीएम का बड़ा हमला, बोले- खत्म होने की कगार पर कांग्रेस, ‘अर्बन नक्सल’ जैसी हरकतों का आरोप
हार वाली सीटों पर फोकस की रणनीति पर तंज, कहा- न नेतृत्व बचा, न नीयत… जनता कर चुकी है किनारा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में चुनाव से पहले बयानबाजी का पारा चढ़ता जा रहा है। हारने वाली सीटों पर कांग्रेस के फोकस करने के बयान को लेकर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखा हमला बोला है। उनके बयान ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
मीडिया से चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री साव ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का अब कुछ भी नहीं बचा है। उनके मुताबिक कांग्रेस के पास न तो नेतृत्व है और न ही नीयत। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में भ्रम और अफवाह फैलाने का काम कर रही है और ‘अर्बन नक्सल’ की तरह व्यवहार कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है और जनता उससे दूर जा चुकी है, इसलिए आगामी चुनाव में उसे कोई फायदा मिलने वाला नहीं है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रस्तावित दौरे को लेकर भी साव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। छत्तीसगढ़ में माहौल तेजी से बदल रहा है और बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।
कांग्रेस द्वारा अमित शाह के दौरे को उद्योगपतियों के लिए जमीन तलाशने से जोड़ने वाले बयान पर भी साव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह के बयान देकर सिर्फ अफवाह फैलाने का काम कर रही है। उन्हें न बस्तर के विकास की चिंता है, न पेयजल, अस्पताल और सड़कों की।
साव ने बस्तर ओलंपिक का जिक्र करते हुए कहा कि लाखों आदिवासी युवाओं ने इसमें भाग लिया, लेकिन कांग्रेस को इन सकारात्मक पहलुओं से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति हमेशा नकारात्मक रही है और जनता ने इसे नकार दिया है।
सुशासन तिहार को लेकर कांग्रेस द्वारा सरकार की कमियां गिनाने की बात पर भी उन्होंने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस को अपने मन और घर से बाहर कर चुकी है और अब उसका कोई भविष्य नहीं है।
वहीं पद्मश्री फूलबासन यादव के अपहरण की कोशिश के मामले पर साव ने कहा कि उन्होंने भी इस तरह की जानकारी सुनी है और प्रशासन इस पर कार्रवाई करेगा। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि उनके शासनकाल में प्रदेश को अपराध का गढ़ बना दिया गया था, ऐसे में अब वे किस मुंह से कानून व्यवस्था की बात करते हैं।
इस बयानबाजी के बीच साफ है कि चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच टकराव और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने वाला है, जिसका असर आने वाले दिनों में और देखने को मिल सकता है।

