बर्ड फ्लू के साए में पहुंची रहस्यमयी खेप, स्टेशन पर खुले में उतरे हजारों चूजे, बढ़ा बड़ा खतरा
प्रशासन ने लगाई रोक, फिर भी दिल्ली से सप्लाई जारी, लापरवाही ने बढ़ाई संक्रमण फैलने की आशंका

बिलासपुर में बर्ड फ्लू के बीच सामने आई एक घटना ने हालात को और ज्यादा चिंताजनक बना दिया है। जहां एक ओर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए मुर्गियों की बिक्री और सप्लाई पर रोक लगा दी है, वहीं दूसरी ओर अचानक रेलवे स्टेशन पर चूजों की भारी खेप पहुंचने से हड़कंप मच गया।
रविवार को दिल्ली से बड़ी संख्या में चूजों को बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर उतारा गया। हैरानी की बात यह रही कि इन्हें खुले में रखा गया और मौके पर किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था या प्रशासनिक निगरानी नजर नहीं आई। इस दृश्य को देखकर यात्रियों और स्थानीय लोगों में डर और असमंजस की स्थिति बन गई।
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है और प्रशासन ने सप्लाई पर प्रतिबंध लगा रखा है, तो फिर यह खेप आखिर किसके निर्देश पर और कहां भेजी जा रही है। इसको लेकर अब तक कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
स्थिति पहले से ही गंभीर बनी हुई है। शहर के पास कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन केंद्र में 30 हजार से ज्यादा मुर्गियों की मौत बर्ड फ्लू संक्रमण के कारण हो चुकी है। इसके बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले में हाई अलर्ट जारी करते हुए मुर्गियों की बिक्री और सप्लाई पर रोक लगा दी थी।
इसके बावजूद इस तरह की लापरवाही ने संक्रमण फैलने के खतरे को और बढ़ा दिया है। तखतपुर क्षेत्र से भी लापरवाही की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई, जहां मृत मुर्गियों को बोरी में भरकर खुले में फेंक दिया गया। इन्हें कुत्ते नोचते नजर आए, जिससे संक्रमण फैलने का जोखिम और गहरा गया।
बर्ड फ्लू पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने कलेक्टोरेट में कंट्रोल रूम भी बनाया है, जो 24 घंटे सक्रिय है। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि क्या जमीनी स्तर पर निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस गंभीर स्थिति पर कितना जल्दी और प्रभावी नियंत्रण कर पाता है, क्योंकि एक छोटी सी चूक बड़े खतरे में बदल सकती है।




