
लखनऊ: देश को दहला देने की एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस आतंकवाद निरोधक दस्ता ने एक ऐसे खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो रेलवे नेटवर्क और गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों को निशाना बनाकर देश में दहशत फैलाने की तैयारी में था।
इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान साकिब उर्फ डेविल, अरबाब, विकास गहलावत उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ संजू के रूप में हुई है। इस पूरे मामले की जानकारी अपर पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश ने दी।
जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तानी आकाओं और कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े हुए थे। वे टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों के जरिए निर्देश प्राप्त कर रहे थे और उसी के अनुसार देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का मुख्य सरगना साकिब मेरठ में नाई का काम करता था, लेकिन पर्दे के पीछे वह एक बड़े साजिशी नेटवर्क का हिस्सा बन चुका था। आरोपी रेलवे सिग्नल बॉक्स को नष्ट करने, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में आग लगाने और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहे थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी कुछ स्थानों पर छोटी आगजनी की घटनाएं कर चुके थे। इन घटनाओं के वीडियो बनाकर वे अपने आकाओं को भेजते थे और फिर क्यूआर कोड के जरिए पैसे मंगाते थे। इसके अलावा, यह गिरोह राजनीतिक हस्तियों की निगरानी में भी जुटा हुआ था, जिससे उनकी साजिश और भी खतरनाक हो जाती है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से ज्वलनशील पदार्थ से भरा कैन, सात स्मार्टफोन, कई दस्तावेज और आधार कार्ड बरामद किए हैं। इन सबूतों के आधार पर साफ है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से बड़े हमले की तैयारी में था।
फिलहाल, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह खुलासा एक बार फिर यह संकेत देता है कि देश के खिलाफ साजिशें किस हद तक गहरी हो सकती हैं—और यह भी कि सतर्क एजेंसियां समय रहते ऐसे खतरों को रोकने में कितनी अहम भूमिका निभा रही हैं।



