छत्तीसगढ़

23 साल पुराने कत्ल का सच अब सामने आएगा… कोर्ट ने कहा—अब और नहीं, कल होगा फैसला तय करने वाली आखिरी बहस

जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट सख्त, अमित जोगी की समय बढ़ाने की मांग खारिज; अब अंतिम सुनवाई पर टिकी सबकी नजर


बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित और लंबे समय से उलझे मामलों में से एक, राम अवतार जग्गी हत्याकांड अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सालों से चल रही कानूनी लड़ाई अब उस बिंदु पर आ गई है, जहां से सच और सजा के बीच की दूरी बेहद कम रह गई है।

हाईकोर्ट में आज हुई सुनवाई के दौरान मामला उस वक्त और गंभीर हो गया, जब अमित जोगी की ओर से अतिरिक्त समय मांगा गया। हालांकि कोर्ट ने इस मांग को सख्ती से खारिज कर दिया और साफ संकेत दिया कि अब इस केस में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में चल रही सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अगली तारीख तय करते हुए स्पष्ट कर दिया कि अब कल इस मामले में अंतिम सुनवाई की जाएगी। यानी आने वाला दिन इस बहुचर्चित हत्याकांड की दिशा और दशा तय कर सकता है।

गौरतलब है कि 4 जून 2003 को एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी और मामला लंबे समय तक सुर्खियों में बना रहा।

इस केस में कुल 31 आरोपियों को शामिल किया गया था, जिनमें से दो—बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह—सरकारी गवाह बन गए थे। वर्ष 2007 में रायपुर की विशेष अदालत ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।

हालांकि इस फैसले को चुनौती देते हुए जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को हाईकोर्ट में भेज दिया, जहां अब अंतिम बहस का दौर चल रहा है।

अब पूरे प्रदेश की नजर इस बात पर टिकी है कि कल होने वाली अंतिम सुनवाई के बाद अदालत क्या फैसला सुनाती है। यह फैसला न सिर्फ एक पुराने मामले का अंत होगा, बल्कि न्याय की लंबी प्रतीक्षा का भी जवाब बनेगा।

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