छत्तीसगढ़

हजारों आंगनबाड़ी बिना भवन के चल रहीं…विधानसभा में उठा बड़ा सवाल, मंत्री ने किया बड़ा वादा

बस्तर संभाग के आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति पर सदन में चर्चा, महिला एवं बाल विकास मंत्री ने सुधार का दिया आश्वासन


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा सदन में गूंजा। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने बस्तर संभाग में भवनविहीन और जर्जर भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर चिंता जताई।

इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने व्यवस्था में सुधार करने और आवश्यक सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

विधायक ने पूछे कई अहम सवाल

प्रश्नकाल के दौरान विधायक लखेश्वर बघेल ने सरकार से सवाल करते हुए बस्तर संभाग के जिलों में संचालित आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों की जिलेवार संख्या की जानकारी मांगी।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि कुल संचालित केंद्रों में से कितने भवनयुक्त, भवनविहीन, जर्जर और अत्यंत जर्जर भवनों में चल रहे हैं, तथा वहां पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की क्या स्थिति है।

9876 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित

जवाब में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि बस्तर संभाग के जिलों में कुल 9876 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जबकि यहां एक भी मिनी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं है

कई केंद्रों में अब भी मूलभूत सुविधाओं की कमी

मंत्री ने बताया कि कुल 9876 आंगनबाड़ी केंद्रों में से

  • 7667 केंद्र भवनयुक्त हैं

  • 2209 केंद्र भवनविहीन हैं

  • जबकि 962 केंद्र जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं।

इसके अलावा 6431 केंद्रों में पेयजल और 5632 केंद्रों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध है।

व्यवस्था सुधारने का आश्वासन

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठा रही है और जल्द ही अधूरी सुविधाओं को पूरा किया जाएगा

 

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