छत्तीसगढ़

एक महीने की खामोशी… और जिंदगी से हार गई उर्मिला! अंबिकापुर में दो युवतियों ने लगाई फांसी

होने वाले पति ने बंद की बातचीत, दूसरी घटना में कमरे में लटकी मिली युवती… शहर में मातम और सवाल

अंबिकापुर। अंबिकापुर शहर के बौरीपारा और गांधीनगर क्षेत्र में शनिवार को दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवतियों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों घटनाओं से शहर में शोक और स्तब्धता का माहौल है।


💔 “एक महीने से बात बंद…” सदमे में थी उर्मिला

दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम अड़ची निवासी उर्मिला दास (23) लटोरी में अपने चाचा के यहां रहकर शहर की एक कपड़ा दुकान में काम करती थी। पांच महीने पहले उसकी शादी रजपुरी निवासी मुकेश दास से तय हुई थी।

मुकेश बौरीपारा में किराए से रहकर पढ़ाई करता था। एक माह पहले वह बिलासपुर पीएससी की तैयारी के लिए चला गया था। परिजनों के अनुसार, पिछले एक महीने से उसने उर्मिला से बातचीत बंद कर दी थी। इसी बात को लेकर वह गुमसुम रहने लगी थी।

28 फरवरी को उर्मिला अपनी चचेरी बहन के साथ बौरीपारा पहुंची। उसने कहा कि एक घंटे में लौटना और कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। जब काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला तो दरवाजा तोड़ा गया। अंदर उर्मिला फांसी पर लटकी मिली।

सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को उतारकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया।


🕯️ दूसरी घटना: कमरे में अकेली थी आकांक्षा

इसी दिन गांधीनगर मुक्तिपारा में भी एक और युवती ने आत्महत्या कर ली। बगीचा के ग्राम कामारिमा निवासी आकांक्षा टोप्पो (23) यहां किराए से रहकर मजदूरी का काम करती थी।

शनिवार को वह काम पर नहीं गई थी। पड़ोसी लौटे तो उसका दरवाजा बंद मिला। आवाज देने पर जवाब नहीं मिलने से मकान मालिक को सूचना दी गई। खिड़की से झांकने पर आकांक्षा फांसी पर लटकी दिखाई दी।

सूचना पर पहुंची गांधीनगर पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।


❓ बढ़ते आत्महत्या के मामलों ने बढ़ाई चिंता

दोनों घटनाओं ने एक बार फिर मानसिक तनाव, संवादहीनता और अकेलेपन जैसे मुद्दों को सामने ला दिया है।

अगर आप या आपका कोई परिचित भावनात्मक संकट से गुजर रहा है, तो तुरंत परिवार, मित्र या किसी विशेषज्ञ से बात करें। समय रहते संवाद कई जिंदगियां बचा सकता है।

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