छत्तीसगढ़

CG विधानसभा में आज से सियासी संग्राम की शुरुआत! 5 दिन के सत्र में पेश होंगे 8 बड़े विधेयक, पहले ही दिन कई अहम मुद्दों पर सरकार होगी घिरी

17 जुलाई तक चलने वाले मानसून सत्र में सरकार के सामने विपक्ष कई गंभीर मुद्दे उठाएगा। पहले दिन श्रद्धांजलि से शुरुआत होगी, इसके बाद प्रश्नकाल और महत्वपूर्ण रिपोर्ट सदन में पेश की जाएंगी।

 


रायपुर।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित समिति के सदस्य शामिल हुए।

17 जुलाई तक चलने वाले इस मानसून सत्र में कुल पांच बैठकें होंगी, जिनमें आठ महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए जाएंगे। सत्र के पहले दिन की कार्यवाही पद्म विभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित कर शुरू होगी।

पहले दिन के प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप अपने-अपने विभागों से जुड़े सवालों के जवाब देंगे। मुख्यमंत्री सदन में छत्तीसगढ़ राज्य मानव अधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25, राज्य विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक लेखा रिपोर्ट 2024-25 तथा अधिसूचित विद्युत नियामक आयोग विनियम-2026 भी प्रस्तुत करेंगे।

वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (VBGRAM) योजना’ को सदन के पटल पर रखेंगे। वाणिज्य कर मंत्री ओ.पी. चौधरी जीएसटी नेटवर्क की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 पेश करेंगे। इसके अलावा फरवरी-मार्च 2026 सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्नों के अपूर्ण उत्तरों का संकलन भी सदन में रखा जाएगा।

सत्र के पहले ही दिन विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह प्रदेश में पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण में कथित लापरवाही का मामला उठाएंगे। वहीं कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप जांजगीर जिला अस्पताल में परिवार नियोजन प्रोत्साहन राशि में कथित अनियमितता का मुद्दा सदन में उठाएंगे।

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पांच दिन तक चलने वाले इस मानसून सत्र में सत्ता और विपक्ष के बीच किन मुद्दों पर सबसे तीखी बहस देखने को मिलेगी।

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