छत्तीसगढ़

जेल के दरवाज़े खुलेंगे… लेकिन शर्तों के साए में! आज रिहा होंगे कवासी लखमा

शराब घोटाला केस में सुप्रीम कोर्ट से राहत, एक साल बाद बाहर आएंगे पूर्व आबकारी मंत्री

रायपुर।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए गए राज्य के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज जेल से रिहा होंगे। करीब एक साल से अधिक समय तक सलाखों के पीछे रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से मिली सशर्त अंतरिम जमानत ने उनकी रिहाई का रास्ता साफ कर दिया है।


⚖️ सुप्रीम कोर्ट से राहत, लेकिन सख्त शर्तें बरकरार

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ शराब घोटाले को लेकर करीब ढाई घंटे तक चली लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने कवासी लखमा को सशर्त अंतरिम जमानत प्रदान की। हालांकि, कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यह राहत बिना शर्त नहीं है।

अदालत के आदेश के मुताबिक—

  • कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा

  • वे सिर्फ पेशी के दौरान ही राज्य में प्रवेश कर सकेंगे

  • उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा

  • पता और मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराना अनिवार्य होगा


📅 15 जनवरी 2025 को हुई थी गिरफ्तारी

गौरतलब है कि कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वे न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे। लंबे समय तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अब उन्हें अंतरिम राहत मिली है।


🕵️‍♂️ ED के गंभीर आरोप बरकरार

हालांकि जमानत मिलने के बावजूद ED के आरोप बेहद गंभीर बने हुए हैं। एजेंसी का दावा है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा शराब सिंडिकेट के अहम हिस्से थे। आरोप है कि

  • लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था

  • शराब सिंडिकेट को राजनीतिक संरक्षण मिलता था

  • नई शराब नीति को बदलने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही

ED का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क से सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ।


🔥 सियासत गरम, आगे क्या?

करीब एक साल बाद कवासी लखमा की रिहाई ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। जहां समर्थक इसे न्याय की जीत बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे सिर्फ अस्थायी राहत मान रहे हैं।

R.O. No. : 13910/ 226

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