खुले में शराबखोरी से नगर में बढ़ी आफत, हाईकोर्ट ने प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई — 28 अगस्त को बड़ा फैसला!
बिलासपुर की सड़कों पर शराब माफिया की मनमानी, हाईकोर्ट ने मांगा प्रशासन का जवाब

बिलासपुर। शहर के चांटीडीह इलाके में शराब दुकानों के सामने खुले में शराबखोरी की बढ़ती समस्या ने हाईकोर्ट का ध्यान खींचा है। सोमवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की डिवीजन बेंच ने इस मामले में प्रशासन को फटकार लगाई और कहा कि सार्वजनिक जगह पर शराब सेवन को रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
शराब दुकान के पास बने अहाते के टूटने के बाद इलाके में लोग खुले में बैठकर शराब पी रहे हैं, जिससे रोजाना जाम और अव्यवस्था पैदा हो रही है। स्थानीय लोग इस समस्या से परेशान हैं और सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
हाईकोर्ट ने सहायक आबकारी आयुक्त, बिलासपुर को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है और कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। अगली सुनवाई 28 अगस्त को निर्धारित की गई है।
स्थानीय प्रशासन की चुप्पी और शराब माफिया के साथ कथित सांठगांठ पर भी सवाल उठ रहे हैं। दिन के उजाले में सड़क किनारे शराब पीने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है और हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
क्या 28 अगस्त को हाईकोर्ट इस मामले में कड़ा कदम उठाएगा? बिलासपुरवासियों की निगाहें इस तारीख पर टिकी हुई हैं।


