“17 KM खाट पर जिंदगी से जंग! एंबुलेंस न मिलने से तड़पता रहा बुजुर्ग, सिस्टम पर उठे बड़े सवाल”
वीडियो हुआ वायरल… पहाड़ों से पैदल उतारा मरीज, लेकिन नहीं पहुंची एंबुलेंस! आखिर जिम्मेदार कौन?

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। यहां कमार जनजाति के 60 वर्षीय मनू राम की हालत बिगड़ने पर उन्हें खाट में लादकर करीब 17 किलोमीटर तक पहाड़ी रास्तों से नीचे लाना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद एंबुलेंस सेवा नहीं मिल सकी।
😨 डेढ़ घंटे तक जिंदगी से जंग
बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह मनू राम अचानक बेसुध होकर गिर पड़े। उनके परिजनों ने किसी तरह उन्हें खाट में लादकर पहाड़ों से नीचे उतारना शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वे कुल्हाडीघाट मुख्यालय तक पहुंचे।
लेकिन यहां भी हालात नहीं बदले—एंबुलेंस के लिए गुहार लगाई गई, मगर कोई मदद नहीं मिली।
🚑 आखिरकार निजी वाहन का सहारा
जब कहीं से मदद नहीं मिली, तो परिजनों को मजबूर होकर निजी वाहन की व्यवस्था करनी पड़ी। इसके बाद मरीज को मैनपुर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
📱 वायरल वीडियो ने खोली हकीकत
इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक बीमार बुजुर्ग को खाट में ढोकर पहाड़ों से नीचे लाया जा रहा है।


