3 महीने की राहत खत्म! राजा रघुवंशी मर्डर केस में सोनम ने किया सरेंडर, अब जेल से चलेगा हाई-प्रोफाइल ट्रायल
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करने के बाद तीन हफ्ते में सरेंडर का दिया था आदेश, शिलांग कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में; परिवार बोला- अब न्याय की उम्मीद

Shillong/Indore: इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद मेघालय के शिलांग स्थित ट्रायल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अदालत ने सरेंडर के तुरंत बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। करीब तीन महीने तक जमानत पर रहने के बाद अब सोनम फिर से जेल पहुंच गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई को सोनम की जमानत रद्द करते हुए उसे तीन सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। हालांकि, तय समय सीमा समाप्त होने से पहले ही सोनम ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों रद्द की थी जमानत?
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट ने गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी दिए जाने में कथित तकनीकी खामियों के आधार पर जमानत देकर गलती की थी। शीर्ष अदालत ने इस आधार पर दी गई राहत को उचित नहीं माना और जमानत रद्द कर दी।
साथ ही कोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी की जाए, ताकि मामले का जल्द निपटारा हो सके।
ट्रायल में तेजी आने की उम्मीद
सोनम के न्यायिक हिरासत में जाने के बाद अब मेघालय के चर्चित हनीमून मर्डर केस की सुनवाई तेज होने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में ट्रायल पूरा नहीं होता है, तो सोनम रघुवंशी दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकती हैं।
परिवार ने जताया संतोष
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजा रघुवंशी के परिवार ने राहत और संतोष जताया है। राजा के भाई सचिन रघुवंशी ने इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं विपिन रघुवंशी ने मेघालय सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है।

