छत्तीसगढ़

बिलासपुर में अचानक उमड़ी भीड़, बंद कमरे में चल रहा था कुछ ऐसा… एक-एक कर खुलने लगीं लोगों की दबी शिकायतें

लंबे अंतराल के बाद जनदर्शन में पहुंचे केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, सीधे संवाद में उठे सड़क, पानी, आवास और पेंशन से जुड़े गंभीर मुद्दे


बिलासपुर। शहर के एक शांत इलाके में स्थित निजी कार्यालय में अचानक बढ़ती भीड़ ने हर किसी का ध्यान खींच लिया। अंदर क्या हो रहा है, इसे लेकर लोगों में उत्सुकता भी थी और उम्मीद भी। दरअसल, लंबे अंतराल के बाद केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने अपने बिलासपुर स्थित निवास में जनदर्शन कार्यक्रम की शुरुआत की, और देखते ही देखते यह एक बड़े जनसमूह में बदल गया।

असम विधानसभा चुनाव में व्यस्त रहने के बाद जैसे ही मंत्री साहू ने जनदर्शन दोबारा शुरू किया, इसकी सूचना मिलते ही आम नागरिक अपनी समस्याएं और उम्मीदें लेकर पहुंचने लगे। माहौल ऐसा था जहां हर व्यक्ति को अपनी बारी का इंतजार था, लेकिन भीतर एक-एक कर उनकी आवाज सुनी जा रही थी।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री साहू ने हर व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी। कई मामलों में उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर निर्देश दिए, जिससे तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई। वहीं कुछ मामलों में लिखित आदेश जारी कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की कोशिश की गई।

मंत्री साहू ने स्पष्ट किया कि जनदर्शन सिर्फ शिकायत दर्ज कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का जरिया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रशासन की जवाबदेही तय होती है और लोगों का भरोसा मजबूत होता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी शिकायत को लंबित नहीं रहने दिया जाएगा और तय समय सीमा के भीतर हर समस्या का समाधान किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर वे स्वयं व्यक्तिगत स्तर पर भी निगरानी करेंगे।

जनदर्शन में पहुंचे लोगों ने सड़क, पानी, आवास, पेंशन, राजस्व विवाद और नगर निगम से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कई लोगों ने अपने सुझाव भी साझा किए, जिन्हें मंत्री ने गंभीरता से दर्ज कराया।

हालांकि इस जनदर्शन में उठे सवाल और दिए गए आश्वासन अब आगे किस दिशा में जाते हैं, यह आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि इस बंद कमरे में हुई बातचीत ने कई उम्मीदों को फिर से जगा दिया है।

Related Articles

Back to top button