छत्तीसगढ़

‘रेड कार्पेट’ पर लौटेंगे बंदूकधारी? छत्तीसगढ़ में BBM डिवीजन के 15+ नक्सलियों का सरेंडर तय, सरकार ने दिया बड़ा संकेत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल मोर्चे पर बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आ रहा है। सरकार की पुनर्वास नीति का असर अब जंगलों तक पहुंचता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, BBM (बलांगीर, बरगढ़ और महासमुंद) डिवीजन के 15 से अधिक नक्सली 3 मार्च तक छत्तीसगढ़ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर सकते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि प्रदेश के गृह मंत्री Vijay Sharma ने की है। रविवार देर रात विधायक दल की बैठक के बाद उन्होंने बताया कि कुख्यात BBM डिवीजन की ओर से आत्मसमर्पण को लेकर पत्र भेजा गया है।

पत्र लिखकर जताई मुख्यधारा में लौटने की इच्छा

जानकारी के अनुसार, पश्चिम सब-जोनल ब्यूरो सचिव विकास ने पत्र लिखकर सुरक्षित वापसी और पुनर्वास की मांग की है। पत्र में रेडियो संदेश के माध्यम से भरोसा दिलाने का अनुरोध भी किया गया है, ताकि जंगलों में सक्रिय अन्य नक्सली भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित हों।

गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षा, सम्मान और आजीविका की व्यवस्था दी जाएगी।

“रेड कार्पेट” से होगा स्वागत

गृह मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों का “रेड कार्पेट” बिछाकर स्वागत किया जाएगा। सरकार वन क्षेत्रों में सहकारिता के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने और वन उपज के जरिए स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में विशेष रेडियो और वीडियो संदेश जारी किया जाएगा, ताकि अन्य सक्रिय नक्सली भी शांति का रास्ता चुनें।

क्या यह नक्सल मोर्चे पर टर्निंग पॉइंट?

यदि तय समय पर 15 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण करते हैं, तो यह राज्य के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक बदलाव माना जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से प्रभावित इलाकों में शांति और विकास की रफ्तार तेज होगी।

अब सबकी नजरें 3 मार्च पर टिकी हैं—क्या सचमुच बंदूकें रख दी जाएंगी और जंगलों से निकलकर मुख्यधारा में लौटेंगे ये चेहरे? बड़ा खुलासा कभी भी सामने आ सकता है।

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