पतंग उड़ाई… और जान ले ली! अब चाइनीज मांझे से मौत ‘हादसा’ नहीं, सीधे हत्या मानी जाएगी
योगी सरकार का अलर्ट—अब मांझा बना जानलेवा हथियार, पुलिस को छापेमारी के खुले आदेश

लखनऊ | स्पेशल रिपोर्ट
अब आसमान में उड़ती पतंग सिर्फ खेल नहीं रही… नीचे सड़कों पर मौत मंडरा रही है। चाइनीज मांझे से हो रही लगातार दर्दनाक घटनाओं के बाद योगी सरकार ने बेहद सख्त और चौंकाने वाला फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है—
👉 चाइनीज मांझे से होने वाली मौत अब ‘दुर्घटना’ नहीं, बल्कि ‘हत्या’ मानी जाएगी।
यह बयान उन लोगों के लिए सीधी चेतावनी है, जो अब तक इसे मामूली हादसा समझकर टालते रहे।
🚨 “प्रतिबंध के बावजूद बाजार में कैसे बिक रहा है?”—CM योगी का तीखा सवाल
सीएम योगी ने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि जब चाइनीज मांझा प्रदेश में पूरी तरह प्रतिबंधित है, तो फिर यह जानलेवा डोर बाजारों तक कैसे पहुंच रही है?
उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि
-
🔍 स्टॉक और बिक्री पर सख्त छापेमारी हो
-
🚓 दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए
-
⚖️ अब किसी भी मौत को हल्के में न लिया जाए
सरकार का संदेश साफ है—
👉 अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं।
🩸 एक पतंग… और कट गई गर्दन
जनवरी में जौनपुर से आई घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था।
लाइन बाजार थाना क्षेत्र के पचहटिया गांव के पास, सड़क पर फैले चाइनीज मांझे ने एक डॉक्टर की जान ले ली।
मृतक की पहचान डॉ. मोहम्मद शमीर के रूप में हुई थी—
जो पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट थे।
डॉ. शमीर बाइक से जौनपुर मुख्यालय गए थे। लौटते वक्त
👉 अचानक सड़क पर फैला चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया,
👉 और कुछ ही सेकंड में गर्दन बुरी तरह कट गई।
लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उनकी मौके पर मौत हो चुकी थी।
🧵 खेल नहीं, मौत का फंदा बन चुका है चाइनीज मांझा
विशेषज्ञों और पुलिस का कहना है कि चाइनीज मांझा
-
बेहद तेज और धारदार होता है
-
बाइक सवारों, पैदल चलने वालों और बच्चों के लिए सीधा खतरा है
-
कई मामलों में गला, हाथ और चेहरे तक कट चुके हैं
अब सरकार इसे जानबूझकर की गई लापरवाही मान रही है—
और यही वजह है कि इसे हत्या की श्रेणी में रखा गया है।


