CBI: टेंडर रिश्वत मामले में DRM समेत रेलवे के 7 अधिकारी गिरफ्तार, सीबीआई का बड़ा एक्शन- railway tender bribery case

railway tender bribery case: रेलवे टेंडर में भ्रष्टाचार (Corruption in railway tender) के मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने दक्षिण मध्य रेलवे (South Central Railway) के एक मंडल रेलवे प्रबंधक (DRM) और (CBI arrests DRM) समेत 7 रेलवे अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। इन पर टेंडर के बदले 11 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।
टेंडर में अनियमितता के मामले में गुंतकल मंडल के डीआरएम विनीत सिंह के अलावा, जांच एजेंसी ने वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक (डीएफएम) कुंडा प्रदीप बाबू, वरिष्ठ मंडल अभियंता (डीईएन) समन्वय यू अक्की रेड्डी, कार्यालय अधीक्षक एम बालाजी और लेखा सहायक डी लक्ष्मी पाथी राजू को गिरफ्तार किया है।
रेलवे के इतिहास में संभवत: पहली बार किसी रेल मंडल के डीआरएम को सीबीआई ने अरेस्ट किया है। इसके साथी मंडल के दूसरी लाइन के 2 अधिकारियों का गिरफ्तार आरोपियों के शामिल होने से रेलवे में हड़कम्प मच गया है। बताया गया है कि इन अधिकारियों की गिरफ्तारी रात 11.25 बजे तक चली। ज्ञात हो कि एससीआर जोन की सीमा मध्य रेल नागपुर मंडल की सीमा से लगी हुई है। अपुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला गति शक्ति यूनिट के तहत जारी तीसरी और चौथी लाइन प्रोजेक्ट से संबंधित है।
सात जगहों पर सीबीआई ने की थी छापेमारी
वहीं इस मामले में सीबीआई की तरफ से बेंगलुरू में मौजूद कंपनी सी. एन. आर. प्रोजेक्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कुप्पम रमेशकुमार रेड्डी और हैदराबाद के रहने वाले बिचौलिए एन. रहमतुल्ला को भी हिरासत में लिया है। बता दें कि सीबीआई ने जांच के लिए गुंतकल, अनंतपुर, नेल्लोर, तिरुपति, हैदराबाद, सिकंदराबाद और बेंगलुरु में तलाशी ली, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद हुए, फिलहाल मामले में अभी भी जांच जारी है।
13 लोगों पर दर्ज किए FIR
जांच एजेंसी ने इस मामले में पांच सरकारी अधिकारियों समेत 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था। रेलवे के अधिकारियों पर घूस लेकर कुछ निजी कंपनियों को रेलवे के ठेके देने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी कई टेंडर देने, अन्य कामों के बदले और बिलों के जल्द प्रोसेस करने में कथित रूप से अनुचित लाभ लिया था। सीबीआई के प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया गया है कि गुंतकल मंडल रेलवे के अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर इन ठेकेदारों की न सिर्फ ठेके लेने में, बल्कि उसके बाद हुए काम के बिल पास करने में भी अनुचित मदद की और इससे सरकारी खजाने को गलत नुकसान हुआ।



