छत्तीसगढ़

Sarangarh News: चिरायु से मिली भार्गव को सुनने की शक्ति…जन्म से श्रवण बाधित बालक का हुआ निःशुल्क ऑपरेशन

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 9 सितंबर 2023/ कलेक्टर डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी के निर्देशन व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एफ आर निराला के मार्गदर्शन में चिरायु कार्यक्रम का सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सफल संचालन हो रहा है, जहाँ गम्भीर बीमारियों का उच्चस्तरीय जांच व ईलाज की समुचित व्यवस्था कर त्वरित ईलाज कराया जाता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) प्रदेश में 9 वर्षों से चल रहा है इसके अंतर्गत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 07 चिरायु टीम कार्यरत हैं जो हर दिन अपने माइक्रोप्लान के मुताबिक सभी 0 से 18 वर्ष के बच्चों का प्रतिवर्ष शासकीय स्कूलों में 1 बार और आंगनबाड़ी केंद्रों में 2 बार स्वास्थ्य परीक्षण उनके स्कूल व केंद्र में पहुँचकर करती है। चिरायु कार्यक्रम को लोग अब बच्चों का डॉक्टर भी बोल रहे हैं।
चिरायु कार्यक्रम द्वारा बच्चों में विशेष रूप से 4 डी ग्रुप – (जन्मजात दोष, बीमारी, कमी और विकासात्मक देरी) के तहत स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उच्च संस्थान में रिफर किया जाता है, विशेष स्थिति में चिरायु वाहन में स्वास्थ्य टीम के साथ उच्च संस्थान में निःशुल्क ईलाज कराई जाती है। पूरी रिफर व इलाज चिरायु दल के निगरानी में तथा इलाज के बाद भी चिरायु दल बच्चो के संपर्क करते रहते है।
चिरायु टीम सारंगढ ने अपने सघन जांच के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र अंडोला क्र. 02 गयी थी जहां जन्म से न सुन व बोल सकने की समस्या से जूझ रहे 4 वर्षीय बालक भार्गव कर्ष पिता भुनेश्वर को देखा जो सिर्फ इशारों में ही अपनी प्रतिक्रिया देता था और समझता था। जिसे चिरायु टीम तत्काल संज्ञान में लेकर बेरा और ओ0ए0ई0 जांच हेतु जिला अस्पताल रायगढ़ रिफर किया गया जहाँ जांचोपरांत ऑपरेशन की आवश्यकता बताई गई। अतएव उक्त उच्चस्तरीय ईलाज /ऑपरेशन हेतु मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर रिफर किया गया।
चिरायु टीम बराबर बच्चे व परिजन के सम्पर्क में रही, हाल-चाल जाना गया और ऑपरेशन हेतु मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर से भी लगातार संपर्क साधा गया। वहां पर भी उक्त बच्चे का एनेस्थीसियोलॉजी जांच , ऑपरेशन पूर्व थेरेपी की प्रक्रिया (जतन केंद्र रायगढ़ से), आवश्यक वेक्सिनेशन आदि समस्त प्रक्रिया की गई। इन सभी मे बालक भार्गव विशेषज्ञ सर्जन के द्वारा कॉकलियर इम्प्लांट हेतु ऑपरेशन योग्य चुना गया। अन्ततः 22 अगस्त 2023 को मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर में सफलतापूर्वक कॉकलियर इम्प्लांट नामक सर्जरी की गई। उक्त ऑपरेशन में लाखों रुपए लगते हैं परंतु आयुष्मान भारत के तहत चिरायु योजना से यह महंगा ऑपरेशन पूर्णतः निःशुल्क हुआ। सप्ताह भर डॉक्टर अपने सुपरविजन में रखने के उपरांत बालक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। बालक अभी स्वस्थ महसूस कर रहा है।इसके बाद स्पीच थेरेपी की प्रक्रिया करवाई जाएगी फिर बालक भार्गव सुनना और बोलना शुरू करेगा। भार्गव के माता पिता की बच्चे के इलाज के प्रति जागरूकता, मेहनत व सब्र आखिकार रंग लाई। उन्होंने सफल ऑपरेशन व सहयोग के लिए चिरायु टीम के प्रति आभार व शासन के चिरायु कार्यक्रम को सफल बताया है।
 चिरायु कार्यक्रम न सिर्फ जिले में बल्कि पूरे प्रदेश में सफल कार्यक्रम में शामिल है। दूरस्थ स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों में टीम पहुंच कर उनको सीधा स्वास्थ्य लाभ पहुँचा रही है। चिरायु टीम के पहुंचने पर स्कूल, आंगनबाड़ी के बच्चों में मुस्कान आ जाती है।
इस सफल व नेक कार्य में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एफ आर निराला, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ आर एल सिदार, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक श्री एन एल इजारदार, जिला नोडल अधिकारी (चिरायु) डॉ प्रभुदयाल खरे, तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारंगढ़ चिरायु टीम (बी) के लीडर डॉ प्रभा सारथी, डॉ नम्रता मिंज, डॉ बद्री विशाल पंकज, डॉ बबिता पटेल, डॉ गौरी जायसवाल, हिंगलेश्वरी कुर्रे, योगेश चन्द्रम (फार्मासिस्ट), मोंगरा कंवर, ललिता भगत (एएनएम) आदि सभी का अहम योगदान व सहयोग रहा है।
“चिरायु टीम बड़ी तन्मयता से अपने निर्धारित लक्ष्य को पाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। चिरायु टीम के द्वारा चिन्हित किये गए 4 डी जिनमें – कंजेनिटल डिफेक्ट्स (जन्मजात विकृति), डेफिशिएंसी (कमी से होने वाले रोग), डिसीज (बीमारी) व डेवेलपमेंटल डिले (विकासात्मक देरी) ऐसे बच्चों का तत्परता से उपचार किये जाने की व्यवस्था है।”
डॉ एफ आर निराला, (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी), सारंगढ-बिलाईगढ़
“चिरायु टीम बराबर समस्त शासकीय स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों का स्वास्थ्य जांच हेतु अपने दिए निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूर्ण कर रहे हैं साथ ही चिन्हित बच्चों के ईलाज के लिए भी उच्च संस्थान ले जाकर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवा रहे हैं। निश्चित ही हमारे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारंगढ की चिरायु टीम का कार्य सराहनीय है जो इस प्रकार के महंगे निःशुल्क ऑपरेशन के जरिये जन्मजात बधिरता से ग्रसित बालक को सुनने की शक्ति मिल सकेगी।”
डॉ आर एल सिदार, (खण्ड चिकित्सा अधिकारी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र-सारंगढ़, जिला – सारंगढ़-बिलाईगढ़
“जिले में कुल 07 चिरायु टीम द्वारा जिले के समस्त स्कूल एवं आगनबाड़ी केन्द्रो में स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है गंभीर बीमार ग्रस्त बच्चे को चिन्हित कर उच्च अस्पताल लेकर इलाज करवा रहे हैं साथ ही रोड ट्रैफ़िक एक्सीडेंट से बचाव, स्वच्छता,अच्छे खान पान ,स्वस्थ जीवन शैली के बारे में जानकारी बताया जा रहा हैं छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना का लाभ सारंगढ़-बिलाईगढ़ ज़िला के बच्चों को भरपूर मिल रहा है, जहां हमारे चिरायु टीम द्वारा निःस्वार्थ सेवा भाव से अपने कर्तव्यों का अच्छे से निर्वहन किया जा रहा है।”
एन. एल. इजारदार, (ज़िला कार्यक्रम प्रबंधक), ज़िला – सारंगढ़-बिलाईगढ़
“जन्म से न सुन पाने की यह जन्मजात बीमारी का जांच व चिन्हांकन आंगनबाड़ी स्तर तक हो जाना चाहिए तब कहीं शासन द्वारा करवाये जा रहे लाखों रुपए के महंगे ऑपरेशन सफल होते हैं। सरकार की महत्वाकांक्षी चिरायु योजना से यह काम सम्भव हो पाया है। जिला निर्माण के बाद से अब तक जन्मजात बधिरता से ग्रसित 2 बच्चों का सफल कॉकलियर इम्प्लांट नामक सर्जरी हो चुका है और ये दोनों बच्चे कुशल हैं। चिरायु टीम लगातार बच्चों के स्वास्थ्य जांच व इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का हर सम्भव प्रयास कर रही है।”
डॉ. प्रभुदयाल खरे, नोडल अधिकारी (चिरायु), जिला – सारंगढ-बिलाईगढ़

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button