छत्तीसगढ़

 मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़: चुनाव में समधी ने समधन को दी करारी शिकस्त, महाराजा को जीत का उपहार न दे पाईं सिंधिया समर्थक, जानें कहां पलटा पूरा खेल

भोपाल। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल गया है। अब तक के रुझानों में मध्य प्रदेश में भाजपा 166 पार पहुंच गई है और राजस्थान में भी बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। छत्तीसगढ़ में भी भाजपा जीतती दिख रही है। वहीं तेलंगाना में कांग्रेस भारी बहुमत के साथ सत्ता में आती नजर आ रही है। एमपी से शिवराज सिंह चौहान की विदाई का रास्ता देख रहे विरोधियों को भी करारा जवाब मिला है। बीजेपी ने एमपी में ऐसा खेल दिखाया है कि कांग्रेस की रातों की नींद उड़ चुकी है। कांग्रेस को केवल 66 सीटों से संतोष करना पड़ा।

Imrati Devi’s defeat in assembly elections : बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश में अपना मुख्य चुनावी नारा ‘एमपी के मन में मोदी, मोदी के मन में एमपी’ दिया था। साथ ही मोदी ने राज्य की जनता को अपनी गारंटी भी दी। यानी चुनाव मोदीमय हो गया और जनता ने भी इस पर अपनी मुहर लगाकर भाजपा के माथे पर बड़ी जीत का सेहरा बांध दिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कार्यकर्ता भाव से अथक मेहनत और लाडली बहना योजना इस पूरी रणनीति का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

इमरती देवी हारी चुनाव

Imrati Devi’s defeat in assembly elections : बता दें कि एमपी गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, गणेश सिंह, गौरीशंकर बिसेन जैसे कई मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा। इस बीच सिंधिया समर्थक इमरती देवी को भी करारी शिकस्त मिली है। दरअसल, मध्य प्रदेश की मुखर महिला नेत्री और अपने बयानों के चलते अक्सर चर्चा में रहने वालीं इमरती देवी के भाई की बेटी की शादी सुरेश राजे के बड़े भाई के बेटे से हुई है। इस नाते रिश्ते में दोनों समधी-समधन लगते हैं। इस चुनावी लड़ाई में कांग्रेस के सुरेश राजे को 84717 वोट मिले जबकि बीजेपी की इमरती देवी 82450 मत हासिल कर सकीं। यानी कांग्रेस ने 2267 वोटों से विधानसभा सीट जीत ली।

कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आई थी इमरती देवी

इसी बीच, साल 2020 में मध्य प्रदेश की राजनीति में हुए बड़े घटनाक्रम के दौरान इमरती देवी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। उसी साल हुए उपचुनाव में बीजेपी ने इमरती को डबरा सीट से ही टिकट दिया, लेकिन रिश्ते के समधी सुरेश राजे ने कांग्रेस से टिकट लेकर समधन को 7568 से हार का स्वाद चखा दिया।

इससे पहले साल 2013 के चुनाव में दोनों पहले बार आमने-सामने आए थे, तब भाजपा से चुनाव लड़े सुरेश राजे को कांग्रेस की इमरती देवी से पराजित होना पड़ा था। डबरा सीट पर 2018 के चुनाव में इमरती से बीजेपी के कप्तान सिंह सहसारी चुनाव हारे थे।

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