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भारत की देखा-देखी अमेरिका भी लगा रहा ‘टिकटॉक’ पर प्रतिबंध, अमेरिकी सदन ने पारित किया विधेयक…

वाशिंगटन। भारत ने चार साल पहले राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए टिकटॉक सहित 59 चीनी-निर्मित ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था. अब भारत के नक्शेकदम पर चलते हुए अमेरिका भी टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने जा रहा है. इसके लिए अमेरिकी सदन ने भारी बहुमत से विधेयक पारित किया है.

अमेरिकी सांसदों ने बुधवार को चीनी ऐप के बारे में कानून के समर्थन में मतदान करते हुए चार साल पहले टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने के भारत के साहसिक कदम का हवाला दिया.

एक बड़े कदम के तौर पर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने अमेरिकियों को विदेशी शत्रुओं से नियंत्रित अनुप्रयोगों से बचाने वाले अधिनियम को 352 के मुकाबले 65 मतों से पारित कर दिया. इस विधेयक के सह-लेखक एक डेमोक्रेट भारतीय अमेरिकी कांग्रेसी राजा कृष्णमूर्ति और रिपब्लिकन पार्टी के कांग्रेसी माइक गैलाघे हैं.

अमेरिका में टिकटॉक जैसे विदेशी ऐप्स के स्वामित्व को नियंत्रित करने के लिए लाए गए इस बिल के सीनेट से पास होने के बाद अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए व्हाइट हाउस भेजा जाएगा. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही यह कानून का रूख अख्तियार कर लेगा.

कई सांसदों ने टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाए जाने के साथ भारत द्वारा 2020 में ऐप पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का जिक्र किया. कांग्रेसी ग्रेग मर्फी के कार्यालय ने एक बयान में कहा, 2020 में भारत ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए अपनी प्राथमिकता पर जोर देते हुए टिकटॉक सहित 59 चीनी-निर्मित ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया.

दरअसल, टिकटॉक के अधिकारियों में पारदर्शिता की कमी और उपयोगकर्ता की गोपनीयता और जानकारी की रक्षा करने की उनकी अनिच्छा ने यूरोपीय संघ और कनाडा जैसी पड़ोसी सरकारों को भी सरकारी उपकरणों पर एप्लिकेशन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रोत्साहित किया है.

मर्फी ने सीधे-सीधे आरोप लगाते हुए कहा, “चीन टिकटॉक का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने, निगरानी करने और हेरफेर करने के लिए करता है.” उन्होंने कहा, “ऐप संवेदनशील उपयोगकर्ता डेटा एकत्र करता है जिसे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और उसकी खुफिया सेवाओं के साथ साझा किया जाता है. अपने वर्तमान स्वामित्व के तहत, यह एक गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा प्रस्तुत करता है.”

इधर व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने कहा कि सीनेट द्वारा पारित होने पर यह विधेयक राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा. व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने कहा कैरिन जीन-पियरे ने जोर देकर कहा कि विधेयक टिकटॉक जैसे ऐप पर प्रतिबंध नहीं लगाता है.

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम निजी डेटा चाहते हैं जो अमेरिकियों के पास यहां या चीन में होना चाहिए? क्या हम चाहते हैं कि कंपनियों का स्वामित्व यहां या चीन में हो?’ उन्होंने यही कहा था. मैं यहां यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं: यह बिल टिकटॉक जैसे ऐप्स पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा. यह सुनिश्चित करेगा कि इन ऐप्स का स्वामित्व उन लोगों के हाथ में नहीं होगा, जो उनका शोषण कर सकते हैं, या हमें नुकसान पहुंचा सकते हैं.”

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