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NEET UG Paper Leak: एग्जाम से एक दिन पहले लीक हुआ था पेपर, मास्टरमाइंड अमित आनंद का कबूलनामा

NEET UG Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। एग्जाम से एक दिन पहले नीट पेपर लीक हुआ था। पेपर लीक का मास्टरमाइंड अमित आनंद ने कबूल किया है कि परीक्षा से एक दिन पहले पेपर लीक हुआ था। उसने बताया कि किस तरह से छात्रों को एग्जाम से एक दिन पहले क्वश्चेन पेपर के आंसर रटवाए गए थे। इसके बदले छात्रों से लाखों रुपये वसूले गए थे।

बता दें कि नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। परीक्षा को रद्द कर दोबारा से एग्जाम करवाने की भी मांग की जा रही है।लीक का मास्टरमाइंड अमित आनंद ने कबूलनामे में कहा कि नीट परीक्षा से एक दिन पहले पेपर लीक हो गया था। एग्जाम से एक दिन पहले क्वेश्चन पेपर और आंसर अभ्यर्थियों को दिया गया। उन्हें रात भर आंसर रटवाया गया था। क्वेश्चन पेपर के बदले अभ्यर्थियों से 30-32 लाख रुपये लिए गए थे। पेपर लीक के मास्टरमाइंड ने अपने कबूलनामे में कहा है कि मेरे फ्लैट से पुलिस को नीट एग्जाम का क्वेश्चन पेपर और आंसर शीट के जले हुए अवशेष मिले हैं। उसने भी कबूल किया है कि वह पहले भी पेपर लीक कराता रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने NTA को लगाई फटकार

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को अमूल्य विजय पिनापति और नितिन विजय की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। याचिकाओं में नीट के पेपर लीक होने की जांच करने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने NTA को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर किसी की ओर से 0.001% भी लापरवाही हुई है, तो उससे पूरी तरह निपटा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बच्चों ने परीक्षा की तैयारी की है, हम उनकी मेहनत को नहीं भूल सकते। कोर्ट ने एनटीए और केंद्र को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी।

पटना में जूनियर इंजीनियर सिकंदर प्रसाद यादवेंदु का भी आया है नाम

पुलिस ने पेपर लीक मामले में सबसे पहले सिकंदर नाम के शख्स को पकड़ा था उसके बारे में बिहार पुलिस को इनपुट मिला था। आरोपियों ने कई सेंटरों और सेफ हाउस में पेपर सॉल्वर बिठाए थे। इनके पास पहले से ही प्रश्नपत्र मौजूद थे। जूनियर इंजीनियर सिकंदर प्रसाद यादवेंदु को अखिलेश और बिट्टू के साथ शास्त्रीनगर पुलिस ने बेली रोड पर राजवंशी नगर मोड़ पर नियमित जांच के दौरान गिरफ्तार किया था। अब तक की जांच में पता चला है कि जूनियर इंजीनियर सिकंदर ने पेपर लीक की पूरी साजिश रची थी। इनके पास से कई नीट प्रवेश पत्र मिले थे। यादवेंदु द्वारा बताए गए इनपुट के आधार पर छापेमारी के बाद आयुष, अमित और नितिश को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पेपर लीक को लेकर बिहार के नालंदा के संजीव सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था।

पटना में किराए के फ्लैट में रह रहा था पेपर लीक का मास्टरमाइंड

बिहार की राजधानी पटना के शास्त्रीनगर पुलिस थाने में अमित आनंद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। यहां पर पुलिस ने उससे पूछताछ की है, जहां उसने पेपर लीक की बात को कबूल किया है। कबूलनामे की कॉपी के मुताबिक, पेपर लीक का मास्टरमाइंड अमित मुंगेर जिले का रहने वाला है। हालांकि, वह वर्तमान में पटना के एजी कॉलोनी के एक किराए के फ्लैट में रह रहा था। इस कबूलनामे में उसने बताया है कि किस तरह से उसकी मुलाकात उन छात्रों से हुई, जिन्हें आंसर रटवाए गए थे।

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