भारत के चार खेल नायकों को सर्वोच्च सम्मान, राष्ट्रपति भवन में अर्जुन पुरस्कार में छाए पैरालंपिक खिलाड़ी
Major Dhyan Chand Khel Ratna Award: राष्ट्रपति भवन में भारत के खेल नायकों को सम्मानित किया गया. मनु भाकर, डी गुकेश, हरमनप्रीत सिंह और प्रवीण कुमार को मेजर ध्यानचंद पुरस्कार (Major Dhyan Chand Khel Ratna Award) दिया गया. जबकि 32 पैरा खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार (Arjun Award) दिया गया.

Major Dhyan Chand Khel Ratna Award: राष्ट्रपति भवन में आज शुक्रवार को भारत के खेल जगत की सभी शानदार उपलब्धि प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया. दो ओलंपिक पदक जीतने वाली निशानेबाज मनु भाकर और शतरंज विश्व चैम्पियन डी गुकेश ने चमक बिखेरी लेकिन शुक्रवार को जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक समारोह में राष्ट्रीय खेल पुरस्कार प्रदान किये तो सबसे ज्यादा तालियां पैरा एथलीटों को मिली. मनु और गुकेश के साथ भारतीय पुरूष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और पैरालम्पिक स्वर्ण पदक विजेता ऊंचीकूद के खिलाड़ी प्रवीण कुमार को भी देश का सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यान चंद पुरस्कार प्रदान किया गया. इसके साथ ही 32 खिलाड़ियों को आज ही अर्जुन पुरस्कार भी दिए गए.
भाकर ने ओलंपिक में रचा था इतिहास
बाईस वर्ष की मनु भाकर एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली खिलाड़ी बनी जिन्होंने पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत और मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता. हरमनप्रीत टोकियो और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली हॉकी टीम के सदस्य थे. पेरिस ओलंपिक में वह टीम के कप्तान भी थे. दूसरी ओर बायें पैर में विकार के साथ पैदा हुए प्रवीण ने टोकियो ओलंपिक में रजत पदक जीता और पेरिस में उसे स्वर्ण में बदला.
गुकेश बने थे सबसे युवा चैंपियन
अठारह साल के गुकेश सबसे युवा विश्व चैम्पियन बने जिन्होंने पिछले महीने चीन के डिंग लिरेन को हराया. वह विश्वनाथन आनंद के बाद विश्व चैम्पियनशिप जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं. वह पिछले साल सितंबर में शतरंज ओलंपियाड में भारत की खिताबी जीत में भी सूत्रधार थे.
राष्ट्रपति मुर्मू खुद चलकर आईं पुरस्कार देने
इस बार 32 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिये गए जिनमें से 17 पैरा एथलीट हैं. अर्जुन पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ियों में पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पहलवान अमन सेहरावत, निशानबाज स्वप्निल कुसाले, सरबजोत सिंह और पुरूष हॉकी टीम के सदस्य जरमनप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, संजय और अभिषेक शामिल हैं. इस बार पैरा एथलीटों की संख्या पुरस्कार जीतने वालों में अधिक थी जिन्होंने पेरिस पैरालम्पिक में सात स्वर्ण और नौ रजत समेत 29 पदक जीते. राष्ट्रपति मुर्मू परंपरा से हटकर व्हीलचेयर पर निर्भर कुछ खिलाड़ियों जैसे प्रणव सूरमा के लिये खुद आगे चलकर आईं.
पुरस्कार विजेताओं की सूची
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न: गुकेश डी (शतरंज), हरमनप्रीत सिंह (हॉकी), प्रवीण कुमार (पैरा-एथलेटिक्स), मनु भाकर (निशानेबाजी)
अर्जुन पुरस्कार : ज्योति याराजी (एथलेटिक्स), अनु रानी (एथलेटिक्स), नीतू (मुक्केबाजी), स्वीटी (मुक्केबाजी), वंतिका अग्रवाल (शतरंज), सलीमा टेटे (हॉकी), अभिषेक (हॉकी), संजय (हॉकी), जरमनप्रीत सिंह (हॉकी), सुखजीत सिंह (हॉकी), राकेश कुमार (पैरा-तीरंदाजी), प्रीति पाल (पैरा-एथलेटिक्स), जीवांजी दीप्ति (पैरा-एथलेटिक्स), अजीत सिंह (पैरा-एथलेटिक्स), सचिन सरजेराव खिलारी (पैरा-एथलेटिक्स), धरमबीर (पैरा-एथलेटिक्स), प्रणव सूरमा (पैरा-एथलेटिक्स), एच होकाटो सेमा (पैरा-एथलेटिक्स), सिमरन (पैरा-एथलेटिक्स), नवदीप (पैरा-एथलेटिक्स), नितेश कुमार (पैरा-बैडमिंटन), तुलसिमति मुरुगेसन (पैरा-एथलेटिक्स), नित्या श्रे सुमति सिवन (पैरा-बैडमिंटन), मनीषा रामदास (पैरा-बैडमिंटन), कपिल परमार (पैरा-जूडो), मोना अग्रवाल (पैरा-निशानेबाजी), रूबीना फ्रांसिस (पैरा-निशानेबाजी), स्वप्निल सुरेश कुसाले (निशानेबाजी), सरबजोत सिंह (निशानेबाजी), अभय सिंह (स्क्वाश), साजन प्रकाश (तैराकी), अमन सहरावत (कुश्ती).



