छत्तीसगढ़

वन मंत्री के बयान पर PCC चीफ दीपक बैज का पलटवार, कहा – आदिवासियों का विकास हुआ है या विनाश, मेरे साथ चलकर पता लगाएं मंत्री केदार कश्यप

रायपुर. आदिवासी नेताओं से राहुल गांधी की मुलाकात पर वन मंत्री केदार कश्यप ने तंज कसा था. मंत्री कश्यप के बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आदिवासी नेता यदि बैठकर आदिवासियों के बारे में चर्चा करते हैं तो बीजेपी के कुछ नेताओं के पेट में क्यों दर्द होता है. 15 साल बाद राज करने के बाद भी जल जंगल जमीन की रक्षा नहीं कर पाए. आदिवासी वन मंत्री से जवाब नहीं हिसाब मांगता हूं.

दीपक बैज ने कहा, प्रदेश के आदिवासी नहीं जनजाति मुख्यमंत्री और जनजाति वन मंत्री के मुंह से आदिवासी शब्द अच्छे नहीं लगते. छत्तीसगढ़ में 16 साल आठ महीने आप मंत्री रहे हैं और आपने प्रदेश के आदिवासियों के लिए क्या किया है. जब शिक्षा मंत्री थे तब 5 हजार स्कूलें बंद हुई और आज 10 हजार से ज़्यादा स्कूल बंद हो रहे हैं. बस्तर और सरगुजा के आदिवासियों की हालत क्या है, आपको पता है ?

बैज ने मंत्री केदार कश्यप से कहा, जब बस्तर के हजारों आदिवासियों को फर्जी एनकाउंटर में मारा तब कहा थे, फर्जी नक्सलियों का नाम देकर जेल भेजा गया तब आप कहां थे, फर्जी सामूहिक एनकाउंटर करते थे तब कहां थे. साय सरकार में तनखा लेने वाले एक शासकीय कर्मचारी को जब नक्सली बताकर मार दिया गया तब कहां थे. जब सरकार के नहीं ख़रीदने से इमली, महुआ सब सड़कों पर फेंका जाता था, तब आप कहां थे. बैलाडीला , बीजापुर, कांकेर की खदानें, हसदेव की वॉल माइन्स बेंच दिया गया. लगातार रायगढ़ में पेड़ काटे जा रहे हैं. वहां आदिवासियों के घरों को उजाड़ा जा रहा है. आपको जानकारी है या नहीं. सरकार बोधघाट बना रही है, आदिवासी कहां जाएंगे.

पीसीसी चीफ बैज ने कहा, सुकमा ज़िले में तेंदूपत्ता का करोड़ों रुपया सरकार ने खाया. आदिवासियों को आप जूता चप्पल पहना रहे, सीधे खाते में क्यों नहीं डालते पैसा, क्योंकि कमीशन नहीं मिलेगा? आप कह रहे हैं आदिवासियों का विकास हुआ है तो मैं आपसे निवेदन करता हूं कि हसदेव चलें, तमनार चलें, बैलाडीला चलते हैं, हमारा बस्तर है वहां के आदिवासियों से पूछेंगे कि आपने उनके आयरन खदानें को क्यों बेंच दी, पता लगाएं कि आदिवासियों का विकास हुआ है या विनाश. मेरे साथ चलें या मैं आपके साथ चलता हूं, अगर वहाँ चलेंगे तो आपकी पेंट गीली हो जाएगी.

बैज ने कहा, यदि आप आदिवासियों के लिए काम नहीं कर सकते तो अपनी कुर्सी छोड़ दीजिए. आपके जैसे कई आदिवासी हैं जो बेरोज़गार हैं, उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है वो उस कुर्सी पर बैठेंगे और आदिवासियों के लिए काम करेंगे.

आदिवासी नेताओं से राहुल गांधी की मुलाकात पर बीजेपी ने तंज कसा था. आदिवासी नेता और कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा था कि कांग्रेस के जो राजकुमार हैं उनको आदिवासी के प्रति इतनी घृणा क्यों है. कभी वो देश के राष्ट्रपति को अपमानित करने की कोशिश करते हैं. पहली बार आदिवासी मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ को मिला है. अब उसको घेरने की बात करते हैं. आदिवासियों के प्रति इतनी नफरत क्यों है, इस बात का जवाब कांग्रेस को देना चाहिए.

मंत्री कश्यप ने कहा, आदिवासी क्षेत्र में कांग्रेस का वर्चस्व खत्म हो रहा है. शून्यता की ओर कांग्रेस बढ़ रही है. उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष जल जंगल के आगे बोल नहीं पाए. उनकी जमीन खिसक गई है. उस जमीन को तलाशने के लिए उन्हें बुलाया था.

Related Articles

Back to top button