छत्तीसगढ़

“युवाओं को नशे की आग में झोंक रहा था शहर का काला नेटवर्क!”

रायपुर में गोगो पेपर और हुक्का सामान की अवैध सप्लाई का बड़ा खुलासा, पुलिस की छापेमारी से मचा हड़कंप

रायपुर।
शहर में युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहे एक खतरनाक और सुनियोजित नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के कड़े निर्देश और पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर (IPS) के मार्गदर्शन में रायपुर पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार किया है।

पुलिस कार्रवाई में सामने आया है कि शहर के कई पान ठेले और गुमटियां खुलेआम युवाओं को गांजा पीने में इस्तेमाल होने वाला गोगो/रोलिंग पेपर, चिलम और हुक्का सामग्री बेच रहे थे।

गोगो पेपर बना नशे का हथियार

जांच के दौरान पुलिस ने करीब 2 लाख रुपये मूल्य के भारी मात्रा में रोलिंग पेपर (Gogo Paper) जब्त किए हैं। यह वही पेपर है जिसका उपयोग गांजे की सिगरेट यानी जॉइंट्स बनाने में किया जाता है। पुलिस का कहना है कि यह सामग्री युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य दोनों के लिए बेहद घातक है।

COTPA एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम एवं सहायक पुलिस आयुक्त (उरला) सुश्री पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में नॉर्थ जोन की टीमों ने COTPA एक्ट के उल्लंघन पर सख्ती दिखाई।
शैक्षणिक संस्थानों के आसपास और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से नशे से जुड़ी सामग्री बेचने वाले 09 दुकानों/ठेलों को सील कर बंद कर दिया गया।

अब सामने आई सप्लाई चेन की सच्चाई

पुलिस की पूछताछ में Backward Linkage यानी सप्लाई चेन का भी खुलासा हुआ है। जब्त किए गए रोलिंग पेपर और हुक्का फ्लेवर की खेप कहां से आ रही थी, इसके मुख्य स्रोतों का पता चल गया है।
थोक विक्रेताओं और सप्लायरों के नाम सामने आए हैं, जो शहर में चोरी-छिपे इन सामग्रियों की सप्लाई कर रहे थे।

जल्द होगी बड़ी कार्रवाई

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब इस नेटवर्क की मुख्य कड़ियों पर छापेमारी की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

रायपुर पुलिस की यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा

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