छत्तीसगढ़

जंगल से निकले हथियार, सिस्टम के आगे झुके नक्सली! AK-47 के साथ 12 खूंखार माओवादियों का सरेंडर

बीजापुर में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका, 54 लाख के इनामी हथियारबंद माओवादी पुलिस के सामने टूटे

बीजापुर | नक्सल डेस्क
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने जंगलों में दहशत फैलाने वाले नक्सल नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। सरकार की सख्त रणनीति और भरोसेमंद पुनर्वास नीति के आगे AK-47 और SLR थामे खूंखार नक्सली भी घुटने टेकने को मजबूर हो गए

नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक डीवीसीएम सहित कुल 12 सशस्त्र माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों पर कुल 54 लाख रुपये का इनाम घोषित था।


😱 12 में 8 महिला नक्सली, सभी रहे हैं हिंसक वारदातों का हिस्सा

सरेंडर करने वाले नक्सलियों में—

  • 08 महिला माओवादी

  • 04 पुरुष माओवादी

शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ये सभी
👉 फायरिंग
👉 IED ब्लास्ट
👉 आगजनी
👉 सुरक्षाबलों पर हमले

जैसी कई गंभीर नक्सली घटनाओं में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं


🔫 AK-47 और SLR राइफलें पुलिस को सौंपी

आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने

  • 1 AK-47 राइफल

  • 2 SLR राइफल

पुलिस के हवाले कीं।
ये वही हथियार हैं जिनसे कभी गांवों और जंगलों में दहशत फैलाई जाती थी—अब वही हथियार सरकारी मेज पर पड़े नजर आए


🛑 “नियद नेल्लानार” योजना ने बदली सोच

पुलिस के अनुसार,
सरेंडर करने वाले नक्सली सरकार की
👉 “नियद नेल्लानार” योजना
👉 पुनर्वास नीति

से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे हैं।
योजना के तहत सभी आत्मसमर्पित माओवादियों को
💰 ₹50-50 हजार की नगद सहायता राशि प्रदान की गई।


👮‍♂️ आला अफसरों की मौजूदगी में हुआ सरेंडर

यह आत्मसमर्पण

  • बस्तर IG पी. सुंदरराज

  • CRPF DIG देवेंद्र सिंह नेगी

  • SP डॉ. जितेंद्र यादव

  • ASP यूलेण्डन यार्क

  • DSP शरद जायसवाल

  • DSP विनीत साहू

सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ।


⚠️ नक्सलियों के लिए साफ संदेश

सुरक्षा एजेंसियों ने साफ कर दिया है—

“या तो हथियार छोड़ो, या कानून के शिकंजे में आओ।”

बीजापुर में हुआ यह सरेंडर नक्सल संगठन के अंदर बढ़ती टूट और डर का साफ संकेत माना जा रहा है।

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