80 साल बाद बदला सत्ता का पता! ‘सेवा तीर्थ’ से चलेगा देश… PM मोदी ने किया हाईटेक परिसर का उद्घाटन
‘नागरिक देवो भव’ की दीवार, पेपरलेस कल्चर और अभेद्य सुरक्षा—साउथ ब्लॉक को विदाई, PMO अब नई इमारत में शिफ्ट

नई दिल्ली। भारत की प्रशासनिक व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में ‘सेवा तीर्थ’ परिसर का उद्घाटन किया। इसी के साथ 80 वर्षों से सत्ता का केंद्र रहे साउथ ब्लॉक को औपचारिक विदाई मिल गई और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब नए हाईटेक परिसर में शिफ्ट हो गया है।
सेवा तीर्थ की दीवार पर अंकित आदर्श वाक्य—‘नागरिक देवो भव’—नई प्रशासनिक सोच का प्रतीक बताया जा रहा है। इस परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को एक ही छत के नीचे लाया गया है।
साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ तक
उद्घाटन से पहले पीएम मोदी ने साउथ ब्लॉक में केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक की, जो इस ऐतिहासिक भवन में उनकी आखिरी बैठक रही। उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त 1947 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक भी इसी भवन में हुई थी।
अब साउथ ब्लॉक को संग्रहालय में बदलने की योजना है, जबकि नॉर्थ ब्लॉक में ‘युगे युगीन संग्रहालय’ का निर्माण कार्य जारी है।
एक छत के नीचे पूरी सरकार
‘सेवा तीर्थ’ सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत विकसित 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला आधुनिक परिसर है, जिसे करीब ₹1,189 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है।
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सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय
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सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय
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सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय
पहले ये कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर थे, जिससे समन्वय और परिचालन में दिक्कतें आती थीं। अब एकीकृत ढांचा प्रशासनिक फैसलों को अधिक तेज और प्रभावी बनाने का दावा करता है।
बदले नाम, बदली पहचान
सरकार ने पिछले वर्षों में कई प्रतीकात्मक बदलाव किए हैं:
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साउथ ब्लॉक → सेवा तीर्थ
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सेंट्रल सेक्रेटेरिएट → कर्तव्य भवन
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राजपथ → कर्तव्य पथ
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रेस कोर्स रोड → लोक कल्याण मार्ग
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राजभवन/राज निवास → लोक भवन/लोक निवास
हाईटेक और पर्यावरण अनुकूल
सेवा तीर्थ परिसर को हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल आर्काइव्स, पेपरलेस वर्क कल्चर और अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम से लैस किया गया है। सुरक्षा के लिए स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल और व्यापक निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है।
परिसर को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है, जिसमें ऊर्जा संरक्षण, जल प्रबंधन और अपशिष्ट नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
शाम 6 बजे प्रधानमंत्री का संबोधन भी प्रस्तावित है, जिसमें वे इस बदलाव की रूपरेखा और उद्देश्य पर विस्तार से बात करेंगे।


