सदन में ‘घेराबंदी’! 175 बेजा कब्जों पर बवाल, निगम की सामान्य सभा ठप… गेट पर धरने पर बैठे पार्षद
लिंगियाडीह से उठी चिंगारी ने थाम दी कार्यवाही, 84 दिन से डटे लोग बोले – “पुनर्वास दो या जवाब दो!”

बिलासपुर। शहर की सियासत उस वक्त उबाल पर आ गई जब नगर पालिक निगम बिलासपुर की सामान्य सभा में 175 से अधिक बेजा कब्जा हटाने का मुद्दा विस्फोट की तरह फट पड़ा।
लिंगियाडीह क्षेत्र में हुई कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। तीखी नोकझोंक, आरोप-प्रत्यारोप और शोर-शराबे के बीच हालात इतने बिगड़े कि सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी।
🗣️ वार्ड 47 से उठी आवाज, सदन में छिड़ी जंग
सामान्य सभा के दौरान वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल ने लिंगियाडीह के प्रभावित परिवारों का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया।
सत्ता पक्ष के पार्षदों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद बहस ने हंगामे का रूप ले लिया।
देखते ही देखते सदन का माहौल गर्म हो गया और मामला नियंत्रण से बाहर जाता दिखा।
🚪 मुख्य गेट पर धरना, प्रदर्शन में शामिल प्रभावित परिवार
हंगामे के बाद कांग्रेसी पार्षदों ने लखीराम ऑडिटोरियम के मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में लिंगियाडीह के प्रभावित लोग भी धरने में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निगम प्रशासन ने पुनर्वास का वादा किया था, लेकिन अब उससे मुकर रहा है।
गौरतलब है कि वार्ड क्रमांक 47 के लोग पिछले 84 दिनों से धरने पर बैठे हैं और उनकी मांग है कि जहां से हटाया गया, वहीं पुनर्वास किया जाए।
🏚️ क्या है पूरा मामला?
लिंगियाडीह क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत 175 से अधिक निर्माण ध्वस्त किए गए।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे थे और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें बेदखल कर दिया गया।
वहीं निगम प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और पुनर्वास को लेकर अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा।
⚡ राजनीति के केंद्र में लिंगियाडीह
फिलहाल, सामान्य सभा हंगामे की छाया में चल रही है।
लिंगियाडीह का मुद्दा अब सिर्फ अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं, बल्कि शहर की राजनीति का बड़ा केंद्र बन चुका है।

