छत्तीसगढ़

 ‘जंगल से निकली मौत!’… बाघिन के खूनी पंजों ने मचाई दहशत, शावकों संग रिहायशी इलाके तक पहुंची?

अचानकमार टाइगर रिजर्व के बाहर मवेशी का शिकार, ट्रैप कैमरों में कैद होने का इंतजार… वन विभाग हाई अलर्ट पर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व से सटे वन विकास निगम के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों खामोशी के बीच खौफ तैर रहा है। जंगल के भीतर एक बाघिन अपने दो शावकों के साथ घूम रही है—और अब उसके खूनी पंजों के निशान रिहायशी दहलीज तक पहुंच गए हैं।

हाल ही में एक मवेशी का शिकार हुआ है। जिस तरीके से उसे मारा गया, उसने वन अमले की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि बाघिन को अभी तक किसी ने प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा है, लेकिन शिकार का अंदाज और मौके पर मिले पंजों के निशान साफ इशारा कर रहे हैं—यह हमला किसी और का नहीं, बाघिन का ही हो सकता है।

📸 कैमरों में कैद होगी ‘रहस्यमयी हलचल’?

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एटीआर प्रबंधन ने संदिग्ध इलाकों में ट्रैप कैमरे लगा दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही बाघिन और उसके शावकों की तस्वीरें कैमरे में कैद होंगी, जिससे उनकी गतिविधियों का सटीक पता चल सकेगा।

पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में पंजों के निशान देखे जा रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि रात के सन्नाटे में जंगल की तरफ से अजीब हलचल सुनाई देती है, लेकिन अब तक किसी ने बाघिन को सामने से नहीं देखा। यही अनदेखा खतरा लोगों की दहशत को और बढ़ा रहा है।

❓ रिजर्व एरिया से बाहर कैसे पहुंची बाघिन?

सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर बाघिन अपने दो शावकों के साथ टाइगर रिजर्व की सीमाओं को पार कर रिहायशी इलाकों तक कैसे पहुंच गई? क्या यह शिकार की तलाश है या किसी और खतरे से बचने की कोशिश?

विशेषज्ञ मानते हैं कि शावकों के साथ होने के कारण बाघिन ज्यादा आक्रामक और सतर्क हो सकती है। ऐसे में इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है।

🚨 स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स तैनात

एटीआर प्रबंधन, वन विकास निगम और बिलासपुर वनमंडल की संयुक्त टीम लगातार निगरानी कर रही है। स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स को विशेष रूप से इसी मिशन में लगाया गया है।

पटैता बैरियर से करीब एक किलोमीटर दूर हुए मवेशी के शिकार ने खतरे की घंटी और तेज कर दी है। अब जंगल के किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले जंगल की ओर न जाने की हिदायत दी गई है।

Related Articles

Back to top button