‘नक्सलवाद अंतिम सांसों पर’! रायपुर से CM साय का बड़ा ऐलान, 75 लाख करोड़ GSDP का टारगेट
नेशनल ट्रेड एक्सपो में गरजे मुख्यमंत्री—बस्तर-सरगुजा पर फोकस, 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

रायपुर। राजधानी के बीटीआई मैदान में आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अब व्यापार और उद्योग के लिए अनुकूल माहौल बन चुका है। यह कार्यक्रम Confederation of All India Traders (कैट) द्वारा आयोजित किया गया था, जहां मुख्यमंत्री ने राज्य के भविष्य को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा पेश किया गया 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट राज्य के व्यापक विकास का रोडमैप है। उन्होंने बताया कि सरकार के तीन वर्षों में बजट थीम “ज्ञान”, “गति” और इस वर्ष “संकल्प” रखी गई है—जिसका उद्देश्य गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के साथ समग्र विकास को गति देना है।
🔥 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद अब अंतिम दौर में है। उन्होंने दावा किया कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश से नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प लिया गया है।
साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों की निर्णायक कार्रवाई से कई बड़े माओवादी मारे गए और बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हुआ है, जिससे राज्य तेजी से शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है।
🌳 बस्तर-सरगुजा पर खास फोकस, 7 करोड़ पेड़ लगाने का दावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा जैसे वन संपदा से भरपूर क्षेत्रों में शिक्षा, कृषि और फॉरेस्ट प्रोड्यूस के वैल्यू एडिशन पर विशेष कार्य किया जा रहा है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी के लिए बजट प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य का 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत 7 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। उद्योग नीति के तहत कटने वाले पेड़ों की भरपाई बड़े स्तर पर वृक्षारोपण से की जा रही है।
💰 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 75 लाख करोड़ GSDP का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नई उद्योग नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक विभिन्न इन्वेस्ट मीट के जरिए लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे हाई-टेक सेक्टर भी इसमें शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में जीएसडीपी दर को दोगुना करना और 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।



