“गर्भगृह में गूंजे नारे, फिर चला सस्पेंशन का डंडा!” बजट सत्र में बड़ा बवाल
धान खरीदी पर टकराव इतना बढ़ा कि पूरे विपक्ष को कर दिया गया बाहर, सदन में मचा हड़कंप

रायपुर से बड़ी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन ऐसा सियासी तूफान उठा कि पूरे सदन की तस्वीर बदल गई। धान खरीदी के मुद्दे पर शुरू हुई बहस अचानक हंगामे में बदल गई और हालात ऐसे बने कि सभी कांग्रेसी विधायकों को निलंबित कर दिया गया।
धान खरीदी पर गरमाया माहौल
सदन की कार्यवाही शून्यकाल से शुरू हुई। इसी दौरान चरण दास महंत ने धान खरीदी के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश कर सरकार को घेरने की कोशिश की। उनका आरोप था कि सरकार जानबूझकर किसानों से धान की खरीदी नहीं कर रही है और विशेष रूप से एससी-एसटी वर्ग के किसान अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर तत्काल चर्चा कराई जाए।
सभापति ने किया प्रस्ताव खारिज
हालांकि, सभापति ने साफ कर दिया कि बजट सत्र के दौरान स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाता। प्रस्ताव को अग्राह्य किए जाने के बाद विपक्ष भड़क उठा।
गर्भगृह तक पहुंचे विधायक
देखते ही देखते सदन का माहौल गर्म हो गया। कांग्रेसी विधायक नारेबाजी करते हुए विधानसभा के गर्भगृह तक पहुंच गए। सदन में हंगामा और शोर-शराबा बढ़ता देख कार्यवाही बाधित हो गई।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया — सभी कांग्रेसी विधायकों को निलंबित कर दिया गया।
निलंबन के बाद क्या हुआ?
निलंबन की घोषणा होते ही कांग्रेस विधायक सदन से बाहर निकल गए। बजट सत्र के बीच इस कार्रवाई ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।
अब बड़ा सवाल यह है —
क्या धान खरीदी का मुद्दा और उग्र होगा?
या फिर सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत से निकलेगा समाधान?
फिलहाल, विधानसभा का चौथा दिन छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नए टकराव के रूप में दर्ज हो गया है।


