छत्तीसगढ़

“अबकी बार आर-पार!” आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन, सरकार को दी सीधी चेतावनी

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा और तेज, दंतेवाड़ा से बलरामपुर तक सड़कों पर उतरीं सहायिकाएं

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। लंबित मांगों को लेकर नाराज सहायिकाएं सड़कों पर उतर आईं और जोरदार प्रदर्शन किया। दो दिवसीय धरना प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों की संख्या में महिलाएं एकजुट होकर दुर्गा मंडप से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च करती नजर आईं।

दंतेवाड़ा में हुए इस प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी की गई और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारी सहायिकाओं का कहना है कि बार-बार मांग रखने के बावजूद शासन-प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।


📢 संघ की दो टूक चेतावनी

आंगनबाड़ी सहायिका संघ की पदाधिकारियों ने साफ कहा कि यदि उनकी तीन सूत्रीय मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर सिर्फ आश्वासन मिलते रहे, लेकिन समाधान नहीं।

प्रमुख मांगों में मानदेय वृद्धि, नियमित वेतन व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं।


🚨 बलरामपुर में भी गूंजा विरोध

यह विरोध सिर्फ दंतेवाड़ा तक सीमित नहीं रहा। इससे पहले बलरामपुर जिले में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरी थीं। पूरे शहर में रैली निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया गया।

संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मानदेय बढ़ाने, नियमित वेतन व्यवस्था लागू करने और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।


❓ क्या फिर बढ़ेगा आंदोलन?

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार जल्द कोई फैसला लेगी या प्रदेशभर में आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है? अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में आंगनबाड़ी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

फिलहाल छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ चुकी है… और सरकार के अगले कदम पर सबकी नजर टिकी है।

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