छत्तीसगढ़

2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का ब्लूप्रिंट! साय सरकार का तीसरा बजट ‘संकल्प’ बना बड़ा सियासी संदेश

‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद अब ‘संकल्प’… 4000 करोड़ की नई योजना से लेकर 23 इंडस्ट्रियल पार्क तक, क्या बदल जाएगा पूरा प्रदेश?

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विकास की रफ्तार को नई दिशा देने के लिए विष्णुदेव साय सरकार ने अपने तीसरे बजट को ‘संकल्प’ की रणनीति पर आधारित किया है। ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद यह बजट 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के स्पष्ट रोडमैप का दावा करता है।

सरकार का कहना है कि यह बजट केवल वार्षिक प्रावधान नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विजन का हिस्सा है, जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के उत्थान को अंतिम लक्ष्य माना गया है।


📅 2047 का विजन: अल्पकाल से दीर्घकाल तक की रणनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृतकाल’ विजन के अनुरूप राज्य ने ‘छत्तीसगढ़ 2047 विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है। सरकार अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों के समन्वय के साथ आगे बढ़ रही है।

मौजूदा बजट को 2047 के लक्ष्य की कड़ी बताया जा रहा है।


💰 4000 करोड़ की ‘विकसित भारत जी रामजी योजना’

बजट 2026-27 में ‘विकसित भारत जी रामजी योजना’ के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा की तुलना में बड़ी वृद्धि मानी जा रही है। उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी है।


🌾 कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

  • कृषक उन्नति योजना: 10,000 करोड़ रुपये

  • किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए: 600 करोड़ रुपये

  • विद्युत पंपों पर बिजली बिल सब्सिडी: 5,500 करोड़ रुपये

सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


🏗️ 23 नए औद्योगिक पार्क, सड़कों और हवाई कनेक्टिविटी पर जोर

औद्योगिक विकास के लिए 23 नए इंडस्ट्रियल पार्कों की स्थापना हेतु 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

  • मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना: 450 करोड़

  • आदर्श शहर समृद्धि योजना: 200 करोड़

  • 36 सड़कों को दो लेन के रूप में विकसित किया जाएगा

  • सीजी वायु योजना से बिलासपुरअंबिकापुर और जगदलपुर सहित अन्य क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ेगी


🎓 शिक्षा, स्टार्टअप और युवाओं के लिए नई पहल

‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ घटकों के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सहायता दी जाएगी। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी स्थापित होंगी।

आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों के उन्नयन के लिए 50 करोड़ रुपये और 25 महाविद्यालय भवनों के निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।


🛡️ नक्सलवाद उन्मूलन और बस्तर-सरगुजा पर विशेष ध्यान

बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण के लिए 75-75 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

  • बस्तर ओलंपिक्स: 22 करोड़

  • सरगुजा ओलंपिक्स: 5 करोड़

  • इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज: 2,024 करोड़

  • 1,500 बस्तर फाइटर्स के पद सृजित होंगे

सरकार का दावा है कि डबल इंजन मॉडल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।


🏥 मेडिकल कॉलेज और कर्मचारियों के लिए कैशलेस सुविधा

कुनकुरीमनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सरकारी कर्मचारियों को अब कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी मिलेगी, जिससे इलाज की प्रक्रिया सरल होगी।


📊 सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन का दावा

राज्य ने जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। पूर्व में दी गई 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय गारंटी को घटाकर लगभग 18 हजार करोड़ रुपये तक लाने का दावा किया गया है।


❓ क्या ‘संकल्प’ बदलेगा तस्वीर?

सरकार इसे 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का ठोस रोडमैप बता रही है। सवाल यह है—क्या ये घोषणाएं जमीनी हकीकत में बदल पाएंगी?

फिलहाल, ‘संकल्प’ बजट ने सियासी और आर्थिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले वर्षों में ही तय होगा कि यह रणनीति प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती है या नहीं।

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