छत्तीसगढ़

कांकेर: टेकापानी-बड़गांव के जंगल में धधकती गोलियों की गूंज! मुठभेड़ के बाद हथियार और नक्सली सामग्री बरामद

गोलीबारी के बीच फरार हुए माओवादी, सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता…

कांकेर। जिले के टेकापानी-बड़गांव के घने पहाड़ी जंगलों में सोमवार को गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त टीम का माओवादियों से आमना-सामना हुआ। थोड़ी देर चली इस भीषण मुठभेड़ के बाद नक्सली अंधेरे जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले, लेकिन घटनास्थल से हथियार और भारी मात्रा में नक्सल सामग्री बरामद हुई।

कैसे हुआ सामना?

22 सितंबर को थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली। जानकारी मिलते ही पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए जंगल में पहुंची। जैसे ही जवान पहाड़ी इलाके में दाखिल हुए, घात लगाए बैठे नक्सलियों ने अचानक गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया।

मुठभेड़ के बाद क्या मिला?

सर्चिंग के दौरान संयुक्त बलों को घटनास्थल से मिला —

  • 01 रिवाल्वर

  • 22 कारतूस

  • नक्सली साहित्य

  • टॉर्च, पोच

  • और भारी मात्रा में दैनिक उपयोग की सामग्री।

अधिकारियों का मानना है कि बरामद सामग्री नक्सलियों की गतिविधियों और उनकी मौजूदगी से जुड़े अहम सुराग खोल सकती है।

अभियान जारी

आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी अमित तुकाराम कांबले, बीएसएफ डीआईजी विपुल मोहन बाला और कांकेर एसपी आई.के. एलिसेला के निर्देशन में चलाया गया यह अभियान एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नक्सली अब भी जंगलों में सक्रिय हैं, लेकिन लगातार दबाव और जब्ती की कार्रवाई से उनकी कमर टूट रही है।

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