छत्तीसगढ़

“नक्सलियों में मचा डर या कोई बड़ा खेल? 5 टॉप कमांडर समेत 11 ने एक साथ डाले हथियार!”

गढ़चिरौली में बड़ा सरेंडर, 68 लाख के इनामी नक्सलियों ने छोड़ा साथ—संगठन को करारा झटका

गढ़चिरौली: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने नक्सल संगठन की नींव तक हिला दी है। गुरुवार को पुलिस और सीआरपीएफ के सामने 5 बड़े नक्सल कमांडरों समेत कुल 11 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी पर मिलाकर 68 लाख रुपये का इनाम घोषित था। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियां इनकी तलाश में जुटी थीं।

कौन-कौन थे बड़े चेहरे?

आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन के कई अहम पदाधिकारी शामिल हैं—

  • डिविजनल कमांडर (DVCM)

  • एरिया कमेटी सेक्रेटरी

  • पीपुल्स पार्टी कमेटी मेंबर (PPCM)

  • कमांडर और एरिया कमेटी मेंबर

इन बड़े चेहरों का एक साथ सरेंडर करना नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

68 लाख का इनाम, सालों से थे फरार

महाराष्ट्र सरकार ने इन नक्सलियों पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम रखा था। सुरक्षा बल लंबे समय से इनके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए थे। अब आत्मसमर्पण के बाद इनसे संगठन से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

नक्सलवाद पर लगातार चोट

पुलिस के मुताबिक, साल 2025 से अब तक गढ़चिरौली में 123 हथियारबंद माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आंकड़ा साफ संकेत देता है कि नक्सल विरोधी अभियान तेजी से असर दिखा रहे हैं।

कभी जिले के सभी 10 उपमंडलों में सक्रिय नक्सली अब सिमटकर सीमित इलाकों तक रह गए हैं, खासकर भामरागड क्षेत्र के आसपास।

794 नक्सलियों ने छोड़ा रास्ता

आंकड़ों के अनुसार, अब तक गढ़चिरौली में कुल 794 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं। यह बताता है कि सरकार की रणनीति और पुनर्वास नीति काम कर रही है।

सरेंडर के बाद क्या होगा?

सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक मदद, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर दिए जाते हैं, ताकि वे मुख्यधारा में लौट सकें।

साथ ही, सुरक्षा एजेंसियां इनसे पूछताछ कर संगठन के नेटवर्क और गतिविधियों की जानकारी जुटाएंगी, जिससे आगे और बड़ी कार्रवाई संभव हो सके।

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