छत्तीसगढ़

गरियाबंद में 3 इनामी नक्सली ने किया आत्मसमर्पण

सीपीआई माओवादी के डीजीएन डिवीजन के नक्सलियों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया


गरियाबंद। जिले में आज सीपीआई माओवादी के डीजीएन डिवीजन के तीन इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर सुरक्षा बलों के सामने हथियार डाल दिए। आत्मसमर्पित नक्सलियों में नागेश उर्फ रामा कवासीजैनी उर्फ देवे मडकम और मनीला उर्फ सुंदरी कवासी शामिल हैं। इन सभी नक्सलियों पर एक-एक लाख रुपये का ईनाम था।

सोमवार को जिला पुलिस सभा कक्ष में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी निखिल अशोक राखेजा ने बताया कि नागेश उर्फ रामा कवासी, ग्राम तर्रेम, थाना तर्रेम, जिला बीजापुर का निवासी है। वर्ष 2022 में उसे पामेड़ एरिया कमेटी-डीव्हीसी (पाण्डू) माओवादी द्वारा संगठन में भर्ती कराया गया। वह कई मुठभेड़ों में शामिल रहा, जिनमें 11 सितंबर 2025 को ग्राम मेटाल मुठभेड़ जैसी बड़ी घटना भी शामिल है, जिसमें 10 नक्सली मारे गए थे।

जैनी उर्फ देवे मडकम, ग्राम इतगुडेम, पंचायत पालागुड़ेम, तहसील आवापल्ली, जिला बीजापुर की निवासी है। वर्ष 2016 में 16 वर्ष की उम्र में जनमिलिशिया में शामिल हुई और 2017 में पामेड़ एरिया कमेटी के माध्यम से संगठन में भर्ती हुई। अक्टूबर 2017 से दिसम्बर 2023 तक वह ओडिशा क्षेत्र में सक्रिय रही और कई प्रमुख नक्सली घटनाओं में शामिल रही।

तीसरी आत्मसमर्पित नक्सली मनीला उर्फ सुंदरी कवासी, ग्राम जैगूर, पंचायत जैगूर, थाना भैरमगढ़, जिला बीजापुर की निवासी है। भर्ती के बाद उसे कृषि कार्य के लिए ग्राम कोटमेटा भेजा गया, लेकिन बाद में संगठन के अन्य कार्यों में उसे शामिल किया गया। वह भी कई प्रमुख नक्सली घटनाओं में शामिल रही।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों के सतत अभियान और जनसंपर्क प्रयासों की सफलता का परिणाम है। यह कदम नक्सली गतिविधियों को कम करने और क्षेत्र में शांति बहाल करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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