छत्तीसगढ़
सियासत में खिंची ‘लकीर’… कांग्रेस का बड़ा फरमान, BJP के साथ मंच साझा किया तो होगी कार्रवाई!
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने जारी किया सख्त आदेश, नेताओं पर लगी पाबंदी—BJP ने बताया ‘घबराहट का संकेत’


रायपुर: छत्तीसगढ़ की सियासत में अचानक एक ऐसा आदेश सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अपने नेताओं के लिए सख्त निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि वे सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ किसी भी मंच पर नजर नहीं आएंगे।
यह आदेश रायपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष पप्पू बंजारे की ओर से जारी किया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कांग्रेस के नेता किसी भी कार्यक्रम या समारोह में BJP नेताओं के साथ भाग नहीं लेंगे। इस निर्देश के सामने आते ही सियासी हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं—क्या यह अंदरूनी खींचतान का संकेत है या फिर आने वाले चुनावों से पहले की रणनीति?
इस फैसले ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। BJP ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। राजनांदगांव से सांसद संतोष पांडेय ने इस आदेश को कांग्रेस की घबराहट का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का ‘रोका-छेका’ है और पार्टी के भीतर भगदड़ मची हुई है।
सांसद पांडेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने ही कार्यकर्ताओं और नेताओं को नियंत्रित करने के लिए इस तरह के आदेश जारी कर रही है, जिससे यह साफ होता है कि पार्टी में असंतोष बढ़ रहा है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह आदेश केवल एक राजनीतिक रणनीति है, या फिर इसके पीछे पार्टी के भीतर चल रही किसी बड़ी हलचल की आहट छिपी है? आने वाले दिनों में इस फैसले के असर से छत्तीसगढ़ की राजनीति किस करवट बैठेगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।