क्राइमछत्तीसगढ़

शादी का सपना या ठगी का जाल? बिलासपुर में मैट्रिमोनियल गैंग का पर्दाफाश, कॉल सेंटर से चल रहा था खौफनाक खेल!

फर्जी प्रोफाइल और नकली अकाउंट के सहारे लोगों को बनाया जा रहा था शिकार—पुलिस की दबिश में 4 आरोपी गिरफ्तार, खुल सकते हैं बड़े राज


बिलासपुर: शादी जैसे पवित्र रिश्ते को निशाना बनाकर चलाए जा रहे एक खतरनाक ठगी के खेल का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सरकंडा थाना क्षेत्र में संचालित एक कथित ‘मैरिज ब्यूरो’ के नाम पर चल रहे इस गैंग ने लोगों की भावनाओं के साथ ऐसा खेल खेला, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है।

पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गिरोह फर्जी बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबरों के जरिए एक संगठित तरीके से ठगी को अंजाम दे रहा था। मामला तब उजागर हुआ, जब पुलिस म्यूल अकाउंट्स की जांच कर रही थी। इसी दौरान पता चला कि खाताधारकों के नाम पर खुले बैंक खातों का उपयोग कोई और कर रहा है और उनमें ‘मैरिज ब्यूरो’ के नाम पर लगातार पैसे जमा हो रहे हैं।

इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और आखिरकार उस ठिकाने तक पहुंच गई, जहां से यह पूरा खेल संचालित हो रहा था। सरकंडा और कोतवाली थाना क्षेत्र में सक्रिय कॉल सेंटरों की पहचान होने के बाद पुलिस ने एक मैरिज ब्यूरो ऑफिस में दबिश दी।

कार्रवाई के दौरान मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो कॉल सेंटर के जरिए इस ठगी के नेटवर्क को चला रहे थे। पूछताछ में इस गिरोह की कार्यप्रणाली का जो खुलासा हुआ, वह चौंकाने वाला है।

सीएसपी निमितेश सिंह के अनुसार, आरोपी शादी के इच्छुक लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। पहले उन्हें आकर्षक और भरोसेमंद फर्जी प्रोफाइल दिखाए जाते थे, फिर बातचीत के जरिए उन्हें भावनात्मक रूप से जोड़ा जाता था। जब सामने वाला पूरी तरह विश्वास में आ जाता, तब उससे अलग-अलग बहानों से पैसे ऐंठे जाते थे।

इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि अब ठगी के तरीके कितने शातिर और खतरनाक हो चुके हैं, जहां लोगों की सबसे बड़ी भावनात्मक जरूरत—शादी—को ही हथियार बना लिया गया है।

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार अन्य शहरों और राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं।

 

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