छत्तीसगढ़

खामोशी के बीच शुरू हुआ विधानसभा सत्र, श्रद्धांजलि के बाद उठेगा सियासी तूफान, निंदा प्रस्ताव पर टकराव तय

दिवंगत नेताओं को याद कर गमगीन हुआ सदन, अब महिला आरक्षण और निंदा प्रस्ताव पर गरमाएगी राजनीति

रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र गुरुवार को एक भावुक माहौल के बीच शुरू हुआ, जहां सदन की कार्यवाही की शुरुआत दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। लेकिन इस खामोशी के पीछे सियासी हलचल की आहट साफ सुनाई दे रही है, क्योंकि आगे का एजेंडा टकराव से भरा हुआ माना जा रहा है।

श्रद्धांजलि के साथ हुई शुरुआत
सत्र की शुरुआत में छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व सदस्य जगेश्वर राम भगत और राज्यसभा की पूर्व सदस्य मोहसिना किदवई के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। सदन में मौजूद सभी सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।

निंदा प्रस्ताव से गरमाएगा माहौल
यह विशेष सत्र नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा से पारित नहीं हो पाने के मुद्दे पर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने के उद्देश्य से बुलाया गया है। ऐसे में साफ है कि आने वाले समय में सदन के भीतर तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल सकते हैं।

राजनीतिक टकराव के संकेत
सत्र की शुरुआत भले ही शांत और गंभीर माहौल में हुई हो, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच पहले से ही बनी खींचतान इस बात के संकेत दे रही है कि यह सत्र ज्यादा देर तक शांत नहीं रहने वाला। महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सीधा टकराव लगभग तय माना जा रहा है।

नजरें आगे की कार्यवाही पर
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि श्रद्धांजलि के बाद शुरू होने वाली चर्चा किस दिशा में जाती है। क्या यह सत्र किसी ठोस निष्कर्ष तक पहुंचेगा या फिर सियासी बयानबाजी में ही उलझकर रह जाएगा, यह आने वाला वक्त तय करेगा।

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