छत्तीसगढ़

बीजापुर में ईंधन संकट पर फूटा किसानों का गुस्सा! ट्रैक्टर रैली के साथ सड़कों पर उतरे किसान, बोले- डीजल नहीं तो कैसे होगी बुवाई?

पेट्रोल-डीजल की किल्लत से खेती पर मंडराया संकट, विधायक विक्रम मंडावी ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

बीजापुर। बारिश की दस्तक के साथ ही बीजापुर जिले में किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेती-किसानी के सबसे अहम दौर में पेट्रोल और डीजल की कथित किल्लत ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि किसान अब सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। सोमवार को विधायक विक्रम शाह मंडावी के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर जिला मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और ईंधन संकट के खिलाफ आवाज बुलंद की।

नैमेड क्षेत्र से ट्रैक्टरों के काफिले के साथ निकली यह रैली जिला मुख्यालय पहुंची, जहां मिनीग्राउंड में आमसभा आयोजित की गई। सभा में किसानों ने पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

सभा को संबोधित करते हुए विधायक विक्रम शाह मंडावी ने राज्य सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के ढाई वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन आम जनता और किसानों की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। पहले किसान खाद और बीज के लिए परेशान थे, अब पेट्रोल और डीजल की कमी ने खेती की तैयारियों को प्रभावित कर दिया है।

विधायक मंडावी ने आरोप लगाया कि किसान जब पेट्रोल पंपों पर ईंधन लेने पहुंचते हैं तो उन्हें पर्याप्त डीजल-पेट्रोल नहीं दिया जाता, बल्कि कई बार कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार कर वापस लौटा दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

प्रदर्शन में शामिल किसानों ने भी अपनी पीड़ा साझा की। उनका कहना है कि खेती का सीजन शुरू होने वाला है और खेतों की तैयारी के लिए ट्रैक्टर तथा कृषि उपकरणों में डीजल की आवश्यकता है, लेकिन ईंधन नहीं मिलने से खेती प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें पंपों से डीजल-पेट्रोल देने से मना किया जा रहा है, जबकि व्यापारियों को जरकिन और डिब्बों में बड़ी मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।

किसानों का यह भी आरोप है कि बाद में यही ईंधन बाजार में अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है, जिससे उन्हें मजबूरी में ब्लैक में डीजल-पेट्रोल खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।

बारिश के मौसम में खेती की तैयारियां तेज होने के बीच उत्पन्न इस संकट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर प्रशासन और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो बीजापुर में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

सबहेडिंग:
खाद-बीज के बाद अब ईंधन संकट से जूझ रहे किसान, पंपों पर बदसलूकी और ब्लैक में बिक्री के आरोपों ने बढ़ाई नाराजगी।

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