स्कूटी पर निकले डिप्टी CM, रास्ते में जो देखा उससे बदल गया बड़ा फैसला! अब अरपा नदी को बचाने के लिए बनेगा 251 करोड़ का मेगा प्लान
तीन घंटे तक बिलासपुर की सड़कों पर स्कूटी से किया निरीक्षण, अधूरे कामों पर जताई नाराजगी, अधिकारियों और ठेकेदारों को दी सख्त चेतावनी

रायपुर, 28 जून 2026। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने रविवार को बिलासपुर शहर का लगभग तीन घंटे तक स्कूटी से भ्रमण कर नगर निगम, स्मार्ट सिटी और लोक निर्माण विभाग की विभिन्न विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही या अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी और नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे भी मौजूद रहे। उप मुख्यमंत्री ने मंगला स्थित 10 एमएलडी और 6 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), कोनी कन्वेंशन सेंटर, शिवघाट बैराज, रामसेतु के बाईं ओर अटल पथ, अशोकनगर-बिरकोना गौरव पथ सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निरीक्षण किया।
निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए श्री साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं में आ रही सभी बाधाओं को तत्काल दूर कर काम में तेजी लाई जाए। विशेष रूप से एसटीपी निर्माण में हो रही देरी पर उन्होंने कहा कि यदि ठेकेदार समय-सीमा का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने अरपा नदी के संरक्षण और पुनरुद्धार को लेकर भी बड़ा फैसला लिया। उन्होंने 250 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत वाली परियोजना को सैद्धांतिक सहमति देते हुए इसे जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अरपा नदी बिलासपुर की जीवनदायिनी है और इसके संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर के लगभग 70 नालों का गंदा पानी सीधे अरपा नदी में गिर रहा है, जिससे नदी गंभीर रूप से प्रदूषित हो रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए तैयार डीपीआर के तहत 17 किलोमीटर क्षेत्र में फैले 70 नालों के दूषित पानी को उपचारित करने की व्यापक योजना बनाई गई है। परियोजना में 57 इंटरसेप्शन एवं डाइवर्जन स्ट्रक्चर, 13 डाइवर्जन वियर, लगभग 10 किलोमीटर डाइवर्जन सीवर लाइन, 2.77 किलोमीटर राइजिंग मेन, तीन सीवेज पंपिंग स्टेशन, दो नए एसटीपी सहित आवश्यक विद्युतीकरण और इंस्ट्रूमेंटेशन कार्य शामिल हैं। इसके पूरा होने के बाद नालों का दूषित पानी उपचारित होने के बाद ही नदी में पहुंचेगा।
उप मुख्यमंत्री ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि परियोजना की सभी प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर राज्य शासन से जल्द स्वीकृति प्राप्त की जाए, ताकि अरपा नदी के संरक्षण का कार्य बिना देरी शुरू हो सके।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शहर में अव्यवस्थित तरीके से लगे बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों को व्यवस्थित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही भविष्य में नए बिजली खंभे या ट्रांसफार्मर लगाने से पहले नगर निगम की अनिवार्य अनुमति लेने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कोनी स्थित कन्वेंशन सेंटर के लिए पर्याप्त पार्किंग विकसित करने और उसके पीछे की शासकीय भूमि का उपयोग पार्किंग के रूप में करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से बिलासपुर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और शहर के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसी ठेकेदार को दंडित करना नहीं, बल्कि जनहित के कार्यों को समय पर पूरा कर लोगों तक उनका लाभ पहुंचाना है।
निरीक्षण के दौरान विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने भी अधिकारियों को लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए व्यवहारिक सुझाव दिए। इस अवसर पर स्मार्ट सिटी, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, सीएसईबी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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