CJP आंदोलन में ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ की एंट्री? दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा, 480 सोशल मीडिया हैंडल किए ब्लॉक
'चलो संसद मार्च' के बाद वायरल पोस्टों की जांच में दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि पाकिस्तान से संचालित सैकड़ों सोशल मीडिया अकाउंट्स कथित तौर पर भ्रामक जानकारी फैला रहे थे। पुलिस ने 480 हैंडल ब्लॉक करने की बात कही है।

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद मार्च’ के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि जांच के दौरान पाकिस्तान से संचालित 480 सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की गई, जिनके जरिए कथित तौर पर भ्रामक और अफवाह फैलाने वाली सामग्री साझा की जा रही थी।
पुलिस के मुताबिक, इन अकाउंट्स का उद्देश्य सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाना और खासकर छात्रों एवं युवाओं को गुमराह करना था।
480 सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक करने का दावा
दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई करते हुए इन 480 सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन हैंडल्स के जरिए प्रदर्शन से जुड़ी अपुष्ट और भ्रामक जानकारी योजनाबद्ध तरीके से प्रसारित की जा रही थी।
पुलिस का दावा है कि इस तरह की गतिविधियां सोशल मीडिया यूजर्स के बीच गलतफहमी और भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश थीं।
‘चलो संसद मार्च’ के बाद बढ़ीं वायरल पोस्ट
पुलिस के अनुसार, मार्च के बाद बड़ी संख्या में ऐसे वीडियो, फोटो और पोस्ट वायरल हुए जिनकी सत्यता संदिग्ध थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि कुछ सामग्री तथ्यों से मेल नहीं खाती थी और उसका उद्देश्य आंदोलन से जुड़ी गलत धारणाएं फैलाना था।
हालांकि, पुलिस ने यह नहीं बताया कि इन सभी हैंडल्स पर किस प्रकार की सामग्री साझा की गई थी या उनके खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं से दिल्ली पुलिस की खास अपील
दिल्ली पुलिस ने छात्रों और युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी जानकारी पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
पुलिस ने कहा कि किसी भी पोस्ट, वीडियो या दावे को साझा करने से पहले उसके स्रोत और तथ्यों की पुष्टि जरूर करें तथा केवल आधिकारिक और सत्यापित स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर ही विश्वास करें।
सोशल मीडिया पर बढ़ी निगरानी
CJP आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति या समूह जानबूझकर फर्जी या भ्रामक जानकारी फैलाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस का यह दावा चर्चा का विषय बना हुआ है। इन दावों पर संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स या पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


