छत्तीसगढ़

दवा लेने निकली 14 साल की बच्ची अचानक हुई गायब… 2 महीने बाद पुलिस ने ऐसे दबोचा आरोपी, परिवार ने ली राहत की सांस

'अभियान संवेदना' के तहत रायगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता, ओडिशा से सकुशल बरामद हुई नाबालिग; आरोपी POCSO और अपहरण के आरोप में गिरफ्तार

रायगढ़: रायगढ़ पुलिस ने ‘अभियान संवेदना’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लापता 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया है। वहीं, बालिका को कथित रूप से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले आरोपी साहिल एक्का को ओडिशा के झारसुगुड़ा से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चक्रधरनगर थाना पुलिस द्वारा की गई।

दवा लेने निकली थी, फिर नहीं लौटी घर

पुलिस के अनुसार, 31 मई 2026 को चक्रधरनगर थाना क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री 30 मई की दोपहर दवा लेने मेडिकल स्टोर जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी।

परिजनों ने अपने स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

तकनीकी जांच से मिला सुराग

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर लगातार तलाश जारी रखी। इसी दौरान 11 जून को नाबालिग को ट्रांसपोर्ट नगर, जूटमिल क्षेत्र के पास सकुशल बरामद कर लिया गया।

बालिका का बयान महिला पुलिस अधिकारी और न्यायालय के समक्ष दर्ज कराया गया। साथ ही बाल कल्याण समिति (CWC) के माध्यम से उसकी काउंसलिंग भी कराई गई।

जांच में सामने आई अहम जानकारी

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी साहिल एक्का नाबालिग को उसके अभिभावकों की जानकारी और सहमति के बिना अपने साथ रखे हुए था। इसी आधार पर मामले में POCSO Act की धारा भी जोड़ी गई।

पुलिस के अनुसार, बालिका ने अपने बयान में किसी प्रकार के दुष्कर्म से इनकार किया है।

झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन से दबोचा गया आरोपी

विवेचना के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ओडिशा के झारसुगुड़ा में छिपा हुआ है। इसके बाद चक्रधरनगर थाना की टीम 30 जुलाई को झारसुगुड़ा पहुंची और रेलवे स्टेशन के आसपास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में उप निरीक्षक दिनेश मिंज, प्रधान आरक्षक संजय तिवारी और आरक्षक दिलीप भानू की विशेष भूमिका रही। पुलिस टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी संभव हो सकी।

‘अभियान संवेदना’ के तहत लगातार कार्रवाई

रायगढ़ पुलिस ने बताया कि ‘अभियान संवेदना’ के तहत गुमशुदा बच्चों की तलाश, उनकी सुरक्षित वापसी और उनके खिलाफ अपराध करने वालों पर सख्त कार्रवाई का अभियान लगातार जारी है।

परिजनों को मिली बड़ी राहत

नाबालिग के सकुशल मिलने और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बच्चों के लापता होने या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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