छत्तीसगढ़

सीएम साय का बड़ा ऐलान: युवाओं से किसानों और महिलाओं तक… छत्तीसगढ़ के लिए खोला विकास का पूरा खाका!

80वें स्वतंत्रता दिवस पर रायपुर में मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, नक्सल मुक्त बस्तर से AI मिशन और रोजगार तक कई बड़े फैसलों का किया जिक्र

रायपुर। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन किया और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प दोहराया।

सीएम साय ने अपने संबोधन में नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़, किसान, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, AI और आदिवासी विकास समेत कई मुद्दों पर सरकार की उपलब्धियां और आगामी योजनाएं सामने रखीं।

नक्सल मुक्त भारत के बाद बस्तर के विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सल मुक्त भारत का संकल्प पूरा हो चुका है। माओवाद से प्रभावित रहे बस्तर में अब विकास और शांति का नया दौर शुरू हुआ है।

उन्होंने कहा कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन से बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने का दावा किया गया।

नक्सल हिंसा के कारण बंद स्कूलों को दोबारा शुरू करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे इलाकों में एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना भी बताई गई।

10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने 4,824 करोड़ की योजना

सीएम साय ने बताया कि बस्तर में बड़ी संख्या में परिवारों की मासिक आय अभी 15 हजार रुपये से कम है। ऐसे करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है।

सुरक्षा कैंपों को सेवा और विकास के केंद्रों में बदलने की बात भी कही गई। वहीं 461 सौर ऊर्जा से संचालित गांवों को ग्रिड आधारित व्यवस्था से जोड़ने और 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य बताया गया।

किसानों को धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य

मुख्यमंत्री ने किसानों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान का मूल्य दिया जा रहा है।

फसल विविधता को बढ़ावा देने के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलें लेने पर 15 हजार रुपये की आदान सहायता देने का निर्णय बताया गया।

सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी और सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए 3,047 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति का भी उल्लेख किया गया।

महिलाओं के खातों में पहुंचे 19,444 करोड़ रुपये

महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 70 लाख हितग्राही महिलाओं के खातों में अब तक 19,444 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।

वहीं राज्य में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, ऐसा सीएम ने अपने संबोधन में बताया।

युवाओं के लिए भर्ती से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक बड़े ऐलान

मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि रोजगार और नवाचार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के गठन और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की जानकारी दी गई। पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती और शिक्षक-सहायक शिक्षक के 3,946 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई।

बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की जा रही है। वहीं NEET, JEE, CLAT, रेलवे, SSC, बैंकिंग, PSC और UPSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी में मदद के लिए ‘CG Assistance for Competitive Exam’ योजना शुरू करने का ऐलान किया गया।

अग्निवीरों को सरकारी भर्तियों में 10% आरक्षण

मुख्यमंत्री साय ने अग्निवीरों के लिए भी बड़ा फैसला बताया। चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गई।

युवाओं के स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाने की जानकारी भी दी गई।

AI के लिए 500 करोड़ का मिशन

तकनीक के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाने के लिए 500 करोड़ रुपये के ‘छत्तीसगढ़ राज्य AI मिशन’ को मंजूरी देने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी।

इसके तहत 100 AI डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण देने की योजना है।

5 नए मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई बड़ी योजनाओं का जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी सत्र से गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं।

छह सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों को CGIT के रूप में विकसित करने की भी जानकारी दी गई।

156 खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता खुला

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ शुरू करने की बात कही गई।

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव को DSP पद पर पदोन्नत करने और 30 लाख रुपये की सम्मान राशि देने के निर्णय का उल्लेख भी मुख्यमंत्री ने किया।

इसके अलावा राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवा के दरवाजे खोलने की जानकारी दी गई।

91 प्रतिशत आबादी को मुफ्त इलाज का दावा

स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान योजना के जरिए राज्य की 91 प्रतिशत आबादी को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।

नवा रायपुर में मेडिसिटी निर्माण की योजना और राज्य में संस्थागत प्रसव दर बढ़कर 96.2 प्रतिशत होने की जानकारी भी साझा की गई। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 326 संजीवनी एक्सप्रेस और 380 महतारी एक्सप्रेस एंबुलेंस संचालित होने की बात कही गई।

8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 1.74 लाख रोजगार की उम्मीद

औद्योगिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत देश और दुनिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों से अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

इनसे करीब 1.74 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई।

नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई, मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट और प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजनाओं का भी उल्लेख हुआ।

ऊर्जा क्षेत्र में 3.50 लाख करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को लेकर भी सरकार की रणनीति सामने रखी। उन्होंने बताया कि आयोजित एनर्जी समिट में 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और इन पर काम किया जा रहा है।

रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन बनाने की दिशा में भी काम चल रहा है।

सीएम साय का संदेश—विकसित छत्तीसगढ़ के लिए सबकी भागीदारी जरूरी

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास को केवल आंकड़ों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उसे आम लोगों के जीवन में महसूस कराना है। किसान, महिला, युवा, आदिवासी, खिलाड़ी और उद्यमी—हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश उन्होंने दिया।

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